कोलकाता: कोलकाता के आनंदपुर (नजीराबाद इलाका) में 26 जनवरी की तड़के लगी भीषण आग ने पूरे राज्य को हिलाकर रख दिया है। Wow! Momo कंपनी के वेयरहाउस और उससे सटे एक डेकोरेटर गोदाम (Pushpanjali Decorators) में लगी आग में अब तक 16 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 13 से 27 लोग (विभिन्न रिपोर्ट्स के अनुसार) अब भी लापता हैं। शव इतने जले हुए हैं कि उनकी पहचान डीएनए टेस्ट से ही संभव होगी।
हादसा 26 जनवरी सुबह करीब 3 बजे हुआ, जब मजदूर सो रहे थे। आग पहले पड़ोसी डेकोरेटर गोदाम (सूखे फूल, थर्मोकोल जैसी ज्वलनशील सामग्री) में लगी और तेजी से Wow! Momo के वेयरहाउस में फैल गई। दोनों जगहों में भारी मात्रा में पैकेज्ड फूड, सॉफ्ट ड्रिंक्स और अन्य ज्वलनशील सामान था, जिससे आग ने विकराल रूप ले लिया। दमकल की 12 गाड़ियां घंटों मशक्कत के बाद आग पर काबू पा सकीं, लेकिन अंदर सुलगती आग और मलबे ने बचाव कार्य मुश्किल बना दिया।
मृतकों और लापता की संख्या
- पहले दिन 3 शव बरामद हुए।
- 27 जनवरी शाम तक कुल 16 शव निकाले गए।
- शुरुआत में 21 मजदूरों की गुमशुदगी दर्ज की गई, जिसमें से 4 किसी तरह बाहर निकल आए।
- BJP विधायक अशोक डिंडा के अनुसार हादसे के वक्त कम से कम 24 मजदूर मौजूद थे।
- ज्यादातर मृतक/लापता पूर्वी मेदिनीपुर जिले के प्रवासी मजदूर हैं।
Wow! Momo का बयान और मुआवजा कंपनी ने स्पष्ट किया कि आग पड़ोसी गोदाम (अनधिकृत कुकिंग से) से शुरू हुई और उनके परिसर में फैली, जिससे उनका एक गोदाम पूरी तरह जल गया। हादसे में कंपनी के दो कर्मचारी और एक कॉन्ट्रैक्ट सुरक्षा गार्ड की मौत हुई। Wow! Momo ने प्रत्येक प्रभावित परिवार को 10 लाख रुपये का मुआवजा, आजीवन मासिक वेतन सहायता और मृतकों के बच्चों की शिक्षा का खर्च उठाने की घोषणा की है। कंपनी ने गहरा दुख जताया और जांच में सहयोग का वादा किया।
सरकारी और राजनीतिक प्रतिक्रिया
- मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देश पर कोलकाता मेयर फिरहाद हकीम, मंत्री अरूप बिस्वास, सांसद सायनी घोष और सुजीत बोस ने मौके का दौरा किया।
- पश्चिम बंगाल सरकार ने पीड़ित परिवारों को ₹10 लाख मुआवजे का ऐलान किया।
- जांच में फायर सेफ्टी लापरवाही उजागर हुई – दोनों गोदामों में फायर सेफ्टी क्लीयरेंस नहीं था, और मजदूरों को परिसर में ही सोने दिया जा रहा था।
- पुलिस ने डेकोरेटर गोदाम मालिक गंगाधर दास को गिरफ्तार किया है।





