मुरैना/मप्र: महिलाओं को कार्यस्थल पर सुरक्षित, सम्मानजनक एवं भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लैंगिक उत्पीड़न से संरक्षण अधिनियम, 2013 के प्रावधानों के अंतर्गत सभी कार्यालयों एवं संस्थानों में आंतरिक परिवाद समिति (आईसीसी) का गठन अनिवार्य किया गया है।
जिन प्रतिष्ठानों एवं स्थापनाओं में 10 या उससे अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, ऐसे सभी कार्यालयों एवं संस्थानों से कलेक्टर के निर्देशन में श्रम विभाग द्वारा अपील की गई है कि वे कार्यस्थल पर महिलाओं से संबंधित शिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण हेतु आंतरिक परिवाद समिति का गठन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें तथा गठित समिति की जानकारी सी-बॉक्स पोर्टल पर अपलोड करें।
श्रम विभाग द्वारा यह भी स्पष्ट किया गया है कि आंतरिक परिवाद समिति का गठन न केवल कानूनी दायित्व है, बल्कि यह कार्यस्थल पर महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा एवं अधिकारों की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
साथ ही महिलाओं से अपील की गई है कि यदि उन्हें कार्यस्थल पर किसी भी प्रकार के लैंगिक उत्पीड़न का सामना करना पड़े, तो वे बिना किसी भय अथवा संकोच के अपनी शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समयबद्ध कार्रवाई कर उन्हें न्याय दिलाया जा सके।
- रिपोर्ट – जिला ब्यूरो चीफ मुरैना मुहम्मद इसरार खान





