आगरा। आगरा समेत देशभर में सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोमवार को आगरा के सर्राफा बाजार में सोना और चांदी दोनों में तेज गिरावट दर्ज की गई, जिससे कारोबारी ही नहीं बल्कि निवेशक भी चौंक गए। बीते कुछ महीनों से रिकॉर्ड ऊंचाई पर चल रही कीमती धातुओं की कीमतों में अचानक आई इस गिरावट ने बाजार की दिशा बदल दी है।
आगरा में सोने के दाम गिरे, खरीदार अभी भी दूर
सर्राफा व्यापारियों के अनुसार, आगरा में 24 कैरेट सोने की कीमतों में करीब ₹3000 से ₹3400 प्रति 10 ग्राम तक की गिरावट दर्ज की गई है। सोमवार को 24 कैरेट सोना ₹1,47,700 से ₹1,48,000 प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार करता नजर आया।
हालांकि कीमतों में गिरावट के बावजूद सोने के भाव अभी भी ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं, जिस वजह से आम ग्राहकों की खरीदारी सीमित बनी हुई है।
चांदी में ऐतिहासिक गिरावट, फिर भी भाव आसमान पर
आगरा के सर्राफा बाजार में चांदी की कीमतों में ₹15,000 से ₹16,000 प्रति किलोग्राम तक की भारी गिरावट दर्ज की गई। इसके बावजूद चांदी का भाव ₹2,65,000 से ₹2,66,000 प्रति किलोग्राम के दायरे में बना हुआ है।
व्यापारियों का कहना है कि यह गिरावट हाल के वर्षों में सबसे तेज मानी जा रही है, हालांकि ऊंचे दामों के कारण खुदरा मांग पर इसका खास असर नहीं पड़ा है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार के संकेतों से टूटा भाव
सोमवार की शुरुआती ट्रेडिंग में अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड करीब 4 प्रतिशत तक फिसला, जबकि चांदी में भी लगभग इतनी ही गिरावट देखने को मिली।
12 प्रतिशत तक टूटने के बाद चांदी भले ही 80 डॉलर प्रति औंस के स्तर से ऊपर टिक गई हो, लेकिन इससे पहले उसने बीते 10 वर्षों की सबसे बड़ी इंट्राडे गिरावट दर्ज की।
क्यों आई सोना-चांदी में बड़ी गिरावट?
सर्राफा विशेषज्ञों के मुताबिक, हालिया गिरावट की प्रमुख वजह अमेरिका से जुड़ी राजनीतिक और मौद्रिक गतिविधियां हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा फेड चेयर के तौर पर केविन वॉर्श को नामित किए जाने की अटकलों से डॉलर मजबूत हुआ।
डॉलर के मजबूत होने से कमजोर डॉलर की उम्मीद कर रहे निवेशकों की धारणा को झटका लगा, जिससे सोने और चांदी में जोरदार बिकवाली देखने को मिली।
आगे क्या रहेगी बाजार की चाल?
आगरा के सर्राफा कारोबारियों का मानना है कि फिलहाल कीमतों में अस्थिरता बनी रह सकती है। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिलने वाले संकेत ही सोने-चांदी की आगे की दिशा तय करेंगे। निवेशकों को जल्दबाजी से बचने और सतर्कता के साथ बाजार पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।





