“कालनेमि ही इनका काल बनेगा: अखिलेश का योगी पर पलटवार, गाय-डायल-100 पर घेरा”
लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शनिवार (25 जनवरी 2026) को पार्टी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा सरकार, चुनाव आयोग और मतदाता सूची (SIR – Special Intensive Revision) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ियों, चुनावी साजिशों और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर गंभीर सवाल उठाए, जो उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों (2027 विधानसभा) की पृष्ठभूमि में राजनीतिक तापमान बढ़ा रहे हैं।
मुख्य आरोप और बयान
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा ने वोटर लिस्ट का काम “आउटसोर्स” कर दिया है, जिससे सूची में अजीबोगरीब गड़बड़ियां हो रही हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा:
- “भगवानदास के घर में मोहम्मद अफजल” जैसे नाम दर्ज हैं।
- वोटर लिस्ट “सेकुलर” हो रही है, और ऐसा लगता है कि भाजपा ने जानबूझकर मजाक किया है।
SIR प्रक्रिया पर सवाल:
- SIR में बार-बार समय बढ़ाया गया, जो सरकार की तैयारी की कमी दर्शाता है।
- SIR को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है – इसे आधार से जोड़ा जाए ताकि पारदर्शिता आए।
- चुनाव आयोग की नोटिस प्रक्रिया पर आरोप: जिन्हें नोटिस दिए जा रहे हैं, उसकी जानकारी राजनीतिक दलों को क्यों नहीं दी जा रही? पहले कहा गया था कि मैपिंग में नोटिस नहीं दिए जाएंगे, लेकिन अब बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हो रहे हैं।
- चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल: आयोग सरकार के साथ मिला हुआ है, और अधिकारी गड़बड़ी कर रहे हैं। एक ही नाम से दो-दो वोट बन रहे हैं।
उपचुनाव और चुनावी प्रक्रिया:
- 2022 उपचुनाव में कई जगह “पूरा-पूरा बूथ लूटा गया”।
- पुलिस ने कपड़े बदलकर वोट डाले – SIR के जरिए नई साजिश की आशंका।
जातिगत जनगणना:
- जाति आधारित जनगणना की बात हो रही है, लेकिन सभी जातियों की गणना सही तरीके से नहीं हो रही।
अन्य मुद्दों पर हमला:
- गाय और डायल-100: प्रदेश में सबसे ज्यादा गायें हैं, घर की पहली रोटी गाय को जाती है। सपा सरकार में कन्नौज में पहला काऊ मिल्क प्लांट लगाया था, लेकिन मौजूदा सरकार ने बंद कर दिया। सपा सत्ता में आई तो गाय का दूध जनता में वितरित किया जाएगा। डायल-100 व्यवस्था पर भी सरकार को घेरा।
- कालनेमि बयान पर जवाब: सीएम योगी के कालनेमि वाले बयान पर – “कालनेमि की बात करने वालों को बताना चाहिए कि कलयुग का कालनेमि कौन है। कालनेमि ही इनका काल बनकर आएगा।”
- KGMU विवाद: केजीएमयू से मजार हटाने पर – “सरकार को केजीएमयू भी हटवा देना चाहिए, क्योंकि इसे क्रिश्चियन ने बनाया था।”
राजनीतिक संदर्भ और अपडेट
यह प्रेस कॉन्फ्रेंस SIR के अंतिम दौर में हुई है, जहां करीब 3 करोड़ नाम कटने के दावे हो रहे हैं। भाजपा ने जवाब में इसे “फर्जी प्रोपगैंडा” बताया है, जबकि सपा इसे “NRC का बहाना” कह रही है। चुनाव आयोग ने नोटिस प्रक्रिया को पारदर्शी बताया, लेकिन राजनीतिक दलों की शिकायतें बढ़ रही हैं। हालिया रिपोर्ट्स में गुजरात SIR में भी समान आरोप लगे हैं, जहां राहुल गांधी ने वोट चोरी का दावा किया।





