मथुरा/उत्तर प्रदेश। सुबह की पहली किरणों के साथ ही यमुना एक्सप्रेसवे पर एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ, जिसमें एक तेज रफ्तार कंटेनर ट्रक ने सड़क किनारे खड़ी एक बस को जोरदार टक्कर मार दी। इस भयानक दुर्घटना में कम से कम 6 यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दर्जनों अन्य घायल हो गए। प्रारंभिक रिपोर्ट्स के अनुसार, बस ड्राइवर ने वाहन को निर्धारित ग्रीन जोन (सुरक्षित पार्किंग क्षेत्र) के बजाय सड़क के किनारे रोक दिया था, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ।
यह दुर्घटना मथुरा जिले के बालदेव थाना क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेसवे पर माइलस्टोन 110 के पास सुबह करीब 5:30 बजे हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस दिल्ली से आगरा की ओर जा रही थी और अचानक ड्राइवर ने इसे सड़क के किनारे रोक दिया। संभवतः बस में कोई तकनीकी खराबी आई थी या ड्राइवर को आराम की जरूरत पड़ी, लेकिन नियमों का उल्लंघन करते हुए इसे ग्रीन जोन के बाहर पार्क कर दिया गया। इसी बीच, पीछे से तेज गति से आ रहा एक कंटेनर ट्रक बस से टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस का पिछला हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया और कई यात्री सीटों से उछलकर बाहर गिर गए।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कंटेनर ट्रक की स्पीड 100 किमी प्रति घंटा से अधिक थी, जो एक्सप्रेसवे की अधिकतम सीमा से काफी ऊपर है। हादसे के बाद ट्रक ड्राइवर मौके से फरार हो गया, लेकिन पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया है और उसकी तलाश जारी है।
मरने वालों में 4 पुरुष, 1 महिला और 1 बच्चा शामिल हैं। घायलों की संख्या 15 से अधिक बताई जा रही है, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर है। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। मथुरा के जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने कहा कि कई घायलों को गहरे जख्म और फ्रैक्चर हैं, जबकि कुछ को आंतरिक चोटें आई हैं।
एक घायल यात्री, राकेश कुमार (नाम बदला हुआ), ने बताया, “हम सब सो रहे थे जब अचानक तेज धमाका हुआ। बस पलटने लगी और चीख-पुकार मच गई। मैं किसी तरह बाहर निकला, लेकिन मेरे साथी… वे नहीं बच सके।”
रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुख्य कारण बस का गलत जगह पर पार्क होना था। यमुना एक्सप्रेसवे पर ग्रीन जोन विशेष रूप से वाहनों को सुरक्षित रोकने के लिए बनाए गए हैं, जहां हाई-स्पीड ट्रैफिक से खतरा कम होता है। ड्राइवर की लापरवाही को प्राथमिक दोषी माना जा रहा है। हालांकि, पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या ट्रक ड्राइवर की नींद आने या मोबाइल फोन के इस्तेमाल से हादसा हुआ।
मथुरा के एसएसपी श्लोक कुमार ने कहा, “यह एक दुखद घटना है। हम सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर जांच कर रहे हैं। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।” एक्सप्रेसवे प्रबंधन ने भी हादसे की जांच शुरू कर दी है और ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए हैं।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस की टीमें मौके पर पहुंचीं। बचाव कार्य में करीब 2 घंटे लगे, क्योंकि बस और ट्रक बुरी तरह से आपस में फंस गए थे। एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक जाम हो गया, जिसे कुछ घंटों बाद सामान्य किया गया।
यह हादसा यमुना एक्सप्रेसवे पर होने वाली लगातार दुर्घटनाओं की कड़ी है, जहां तेज रफ्तार और लापरवाही से सालाना सैकड़ों जानें जाती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ड्राइवरों को ट्रेनिंग और जागरूकता अभियान की जरूरत है।
सरकार और प्रशासन से अपील है कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए और सख्त उपाय किए जाएं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए, हम इस दुखद घटना में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं।
रिपोर्ट -राहुल गौड

