झांसी: बुंदेलखंड की साहसी बेटी और झांसी की पहली महिला ऑटो ड्राइवर अनीता चौधरी (उम्र लगभग 33-40 वर्ष) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया है। रविवार रात स्टेशन रोड के पास सुकुवां-ढुकुवां कॉलोनी क्षेत्र में उनका खून से लथपथ शव सड़क किनारे मिला। शव के पास उनका ऑटो भी पलटा हुआ मिला, जिससे हादसा या हत्या का शक गहरा गया है।
अनीता चौधरी तालपुरा मोहल्ले की रहने वाली थीं। दो साल पहले उन्होंने फाइनेंस पर ऑटो लिया और झांसी की पहली महिला ऑटो चालक बनकर इतिहास रचा। कोरोना काल में नौकरी छोड़कर आत्मनिर्भर बनने का उनका साहस पूरे इलाके के लिए प्रेरणा था। परिवार और समाज के विरोध के बावजूद उन्होंने महिलाओं के लिए नई मिसाल कायम की थी।
परिजनों का आरोप है कि अनीता के गहने, मोबाइल और पर्स गायब थे। लूटपाट के बाद हत्या कर शव को सड़क पर फेंककर ऑटो पलट दिया गया ताकि हादसे का रूप दिया जा सके। वहीं पुलिस शुरुआती जांच में इसे सड़क हादसा मान रही है, लेकिन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है, रिपोर्ट आने के बाद मौत के सटीक कारण स्पष्ट होंगे।
इस घटना ने महिलाओं की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग और महिला संगठन मांग कर रहे हैं कि मामले की गहन जांच हो और दोषियों को सख्त सजा मिले। अनीता जैसी साहसी महिला का ऐसा अंत पूरे समाज के लिए झकझोरने वाला है।
- रिपोर्ट – नेहा श्रीवास





