आगरा: आगरा के अछनेरा थाना क्षेत्र में दक्षिणी बाईपास पर स्थित रायभा टोल प्लाजा पर शनिवार शाम टोल कर्मियों की कथित दबंगई का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मथुरा दर्शन कर लौट रहे मध्य प्रदेश के एक परिवार की कार का शीशा तोड़ने और विरोध करने पर महिलाओं के साथ गाली-गलौज व अभद्रता करने का गंभीर आरोप टोल कर्मियों पर लगा है। हैरानी की बात ये कि मौके पर पहुंची पुलिस पर भी पीड़ितों ने निष्पक्ष जांच न करने और CCTV फुटेज चेक करने से इनकार करने का आरोप लगाया है।
पीड़ित गजेंद्र सिंह भदौरिया और रिंकी साहू (निवासी ग्वालियर, मध्य प्रदेश) ने बताया कि शनिवार शाम करीब 4 बजे मथुरा-गोवर्धन परिक्रमा के बाद वे परिवार सहित लौट रहे थे। टोल प्लाजा पर आगे की गाड़ी निकलने के बाद उन्होंने कुछ सेकंड कार रोकी, जिससे बैरियर अपने आप उठ गया। इसे देखकर उन्होंने वाहन आगे बढ़ा दिया।
तभी पीछे से आए एक टोल कर्मी ने हाथ के कड़े से कार पर जोरदार वार किया, जिससे शीशा चकनाचूर हो गया। परिवार में अफरा-तफरी मच गई, महिलाएं और बच्चे डर गए। विरोध जताने पर कई टोल कर्मी इकट्ठा हो गए और गाली-गलौज करते हुए महिलाओं के साथ अभद्रता की।
सूचना पर कुकथला चौकी की पुलिस पहुंची, लेकिन पीड़ितों का आरोप है कि पुलिस ने CCTV फुटेज जांचने से मना कर दिया। एक दरोगा ने कहा कि ये उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। पीड़ितों ने पुलिस पर धमकाने और टोल कर्मियों का पक्ष लेने का भी इल्जाम लगाया है।
निराश पीड़ित परिवार ने कहा कि वे सोमवार को आगरा पहुंचकर पुलिस आयुक्त दीपक कुमार से मुलाकात कर लिखित शिकायत करेंगे। उनका सवाल है – जब पुलिस ही सबूत नहीं देखती, तो आम आदमी न्याय कहां से मांगे?





