नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र के छठे दिन संसद परिसर में राजनीतिक तनातनी खुलकर सामने आ गई। मकर द्वार पर प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस सांसदों के बीच पहुंचे नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच तीखी जुबानी नोकझोंक हुई। बातचीत के दौरान दोनों नेताओं की ओर से कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
प्रदर्शन स्थल पर हुई तीखी टिप्पणी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, राहुल गांधी निलंबित सांसदों के साथ प्रदर्शन में शामिल थे। इसी दौरान वहां से गुजर रहे केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने प्रदर्शन कर रहे सांसदों पर तंज कसा। इस पर राहुल गांधी ने पलटवार करते हुए कथित तौर पर बिट्टू की ओर इशारा कर टिप्पणी की और उन्हें “गद्दार” कहा। साथ ही अंग्रेज़ी में भी व्यंग्यात्मक संबोधन किया।
हाथ मिलाने से इनकार, जवाब में कड़ा बयान
बताया जा रहा है कि राहुल गांधी ने हाथ मिलाने के लिए हाथ बढ़ाया, लेकिन रवनीत सिंह बिट्टू ने हाथ मिलाने से इनकार कर दिया। उन्होंने जवाब में कहा कि उनका “देश के दुश्मनों से कोई लेना-देना नहीं” है। इस संवाद के बाद मौके पर मौजूद सांसदों के बीच कुछ देर के लिए माहौल और अधिक गर्म हो गया।
पुराना राजनीतिक रिश्ता और नई टकराहट
रवनीत सिंह बिट्टू पहले कांग्रेस में रहे हैं और राहुल गांधी के करीबी नेताओं में गिने जाते थे। लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने पार्टी छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया था। तब से दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक दूरी और बयानबाज़ी लगातार देखी गई है। सिख मुद्दों और विदेश में दिए बयानों को लेकर भी बिट्टू पहले राहुल गांधी की आलोचना करते रहे हैं।
बयान पर सियासी घमासान
वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं।
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बीजेपी ने इसे राहुल गांधी की “अहंकारी और असंसदीय भाषा” बताया है।
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वहीं कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह राजनीतिक संदर्भ में दिया गया जवाब था और विपक्ष की आवाज दबाने पर प्रतिक्रिया है।
फिलहाल यह घटनाक्रम संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह राजनीतिक बहस का विषय बना हुआ है।





