फतेहाबाद/आगरा। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सोमवार को फतेहाबाद में बिना रजिस्ट्रेशन संचालित हो रहे अस्पतालों पर बड़ी कार्रवाई की। अचानक हुई इस छापेमारी से अस्पताल संचालकों में हड़कंप मच गया।
सबसे पहले एसीएमओ डा. सुशील कुमार और जगपाल चाहर की टीम केके अस्पताल पहुंची।
जांच के दौरान अस्पताल में कोई चिकित्सक मौजूद नहीं मिला और प्रसव संबंधी कोई कागजात भी उपलब्ध नहीं थे। बताया जा रहा है कि के के अस्पताल के संचालक को दिल्ली पुलिस हाल ही में बालक के अपहरण के मामले में हिरासत में ले गई है।
इसके बाद टीम बालाजी हॉस्पिटल पहुंची, जहां रजिस्ट्रेशन संबंधी कागजात मांगे गए, लेकिन दस्तावेज न मिलने पर अस्पताल को बंद करा दिया गया।
यही नहीं बालाजी हॉस्पिटल के पीछे बालाजी हॉस्पिटल का एक और हॉस्पिटल अवैध रूप से संचालित मिला जिसमें मरीज भी भर्ती थे उसे भी मरीज निकलवा कर। उसमें भी ताला लगवा दिया गया यह हॉस्पिटल में बड़ी संख्या में बेड पड़े थे इसी तरह ओम साइ हॉस्पिटल में भी खामियां पाई गईं, जिन्हें बंद कर दिया गया।

जगपाल चाहर ने कहा कि बिना रजिस्ट्रेशन संचालित किसी भी अस्पताल को चलने नहीं दिया जाएगा। सभी को बंद कराकर ही टीम फतेहाबाद से रवाना होगी।
कार्रवाई के दौरान एक अस्पताल ऐसा भी मिला जहां गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीज भर्ती था, लेकिन वहां न तो अस्पताल का नाम दर्ज था और न ही कोई चिकित्सक स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तत्काल मरीज को दूसरी जगह शिफ्ट कराया।
सभी बिना रजिस्ट्रेशन अस्पतालों के संचालकों को नोटिस थमा दिया गया है। विभाग की इस सख्त कार्रवाई से इलाके के अस्पताल संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है।
रिपोर्ट – सुशील गुप्ता