मुरैना/मप्र। इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से 23 लोगों की दर्दनाक मौत और सैकड़ों के बीमार होने की भयावह घटना के बावजूद मुरैना प्रशासन ने कोई सबक नहीं लिया। हालात यह हैं कि मुरैना में आज भी आम जनता को दूषित, बदबूदार और स्वास्थ्य के लिए घातक पानी पीने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जबकि जिम्मेदार अधिकारी लापरवाही की चादर ओढ़े चैन की नींद सो रहे हैं।
यह स्थिति किसी अचानक हुई दुर्घटना का परिणाम नहीं, बल्कि शासन-प्रशासन की घोर, सुनियोजित और अक्षम लापरवाही का नतीजा है। मुरैना जिले के वार्ड क्रमांक 19 एवं 20 में नलों से लगातार गंदा और दुर्गंधयुक्त पानी सप्लाई किया जा रहा है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि उन्होंने कई बार प्रशासन को शिकायतें दीं, लेकिन न तो जल आपूर्ति रोकी गई और न ही किसी तरह की ठोस जांच कराई गई।
जनता की सेहत से खुला खिलवाड़
क्षेत्रवासियों का कहना है कि दूषित पानी के कारण बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं की सेहत पर गंभीर असर पड़ रहा है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन की उदासीनता बनी हुई है। लोगों का साफ कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो कोई बड़ी जनहानि से इनकार नहीं किया जा सकता।
कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन, प्रशासन पर दबाव
जनता की सेहत से हो रहे इस खुले खिलवाड़ के खिलाफ आज कांग्रेस जिला अध्यक्ष गजेन्द्र सिंधी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उग्र धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और दोषी अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की।
धरना-प्रदर्शन के दबाव में आखिरकार प्रशासन को हरकत में आना पड़ा और संबंधित क्षेत्रों से पानी के सैंपल लिए गए। हालांकि प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
इंदौर की त्रासदी के बाद भी सवाल कायम
- कांग्रेस ने तीखा सवाल उठाते हुए कहा कि जब इंदौर में दूषित पानी से इतनी बड़ी और दर्दनाक घटना हो चुकी है, तो मुरैना में कार्रवाई से पहले किस बड़ी अनहोनी का इंतजार किया जा रहा है?
- क्या प्रशासन तभी जागेगा जब मुरैना में भी लोग बीमार पड़ेंगे या अपनी जान गंवाएंगे?
जवाबदेही कब तय होगी?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि इस गंभीर लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कब कार्रवाई होगी, कब जवाबदेही तय की जाएगी और कब दोषियों को सजा मिलेगी — या फिर यह मामला भी हमेशा की तरह फाइलों में दबाकर ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा?
मुरैना की जनता आज पूछ रही है— उन्हें पीने का साफ पानी मिलेगा या ज़हर?
- रिपोर्ट – जिला ब्यूरो चीफ मुरैना मुहम्मद इसरार खान





