फतेहाबाद/आगरा: फतेहाबाद विधानसभा क्षेत्र से वर्ष 1985 में युवा अवस्था में कांग्रेस विधायक बने अमिताभ लवानिया का गुरुवार रात 66 वर्ष की आयु में लंबी बीमारी के बाद देहांत हो गया। उनके निधन से क्षेत्र सहित कांग्रेसजनों में शोक की लहर है।
गढ़ी जीवनराम, टेढ़ी बगिया (आगरा) के किसान परिवार में जन्मे अमिताभ लवानिया ने अपने व्यक्तित्व, ईमानदारी और कार्यक्षमता के बल पर राजनीति में विशेष पहचान बनाई। मात्र 25 वर्ष की उम्र में वे उस समय के देश के प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी के विश्वसनीय सहयोगी और सलाहकार के रूप में उभरे। राजीव गांधी ने ही उन्हें वर्ष 1985 में फतेहाबाद विधानसभा क्षेत्र से टिकट प्रदान किया, जहां से वे भारी मतों से चुनाव जीतकर विधायक बने।
अपनी सरलता, मिलनसार व्यवहार और जनता से निकट संबंधों के कारण वे फतेहाबाद क्षेत्र के अत्यंत लोकप्रिय नेताओं में गिने जाते थे। जीवन पर्यंत वे गांधी परिवार के करीबी रहे और संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे।
गुरुवार देर रात उनके आवास पर उनके निधन की सूचना मिलते ही क्षेत्र के लोगों, कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों ने गहरा दुख व्यक्त किया। कांग्रेस ने उनके निधन को पार्टी की “अपूर्णनीय क्षति” बताया है।
अमिताभ लवानिया अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके दो पुत्र—मोहित और रोहित लवानिया—तथा दो विवाहित पुत्रियों सहित परिवार के अन्य सदस्य शोक-संतप्त हैं।
- रिपोर्ट – सुशील गुप्ता





