पिनाहट/आगरा। पिनाहट ब्लॉक क्षेत्र के गांव पुरा जवाहर में बृहस्पतिवार की रात आयोजित किसान-श्रमिक चौपाल में क्षेत्रीय किसानों और ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि फतेहपुर सीकरी से भाजपा सांसद एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष भाजपा किसान मोर्चा राजकुमार चाहर ने चौपाल को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, ग्रामीण विकास और किसान हितों से जुड़े कार्यों का विस्तार से जिक्र किया।
सांसद राजकुमार चाहर ने कहा कि विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने के लिए सरकार ने विकसित भारत-जी राम जी विधेयक, 2025 (VB-G RAM G Bill) के माध्यम से ग्रामीण रोजगार और आजीविका में ठोस बदलाव लाए हैं। इस विधेयक से मनरेगा में भ्रष्टाचार पर प्रभावी रोक लगी है और ग्रामीण परिवारों को 100 दिनों के बजाय 125 दिनों तक रोजगार गारंटी का लाभ मिल रहा है। इससे खेत-खलिहान और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सीधा फायदा पहुंच रहा है।
एमएसपी, फसल मूल्य और आवारा पशु समस्या पर सांसद की बातें
सांसद ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर जोर देते हुए कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में एमएसपी लगातार बढ़ी है। उन्होंने गोस्वामी नाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने का श्रेय केंद्र को दिया। उदाहरण देते हुए कहा कि पहले बाजरा औने-पौने दामों पर बिकता था, लेकिन अब किसानों को बाजार मूल्य से करीब 800 रुपये अधिक मिल रहा है – यह सरकार की स्पष्ट रणनीति का परिणाम है।
आवारा पशुओं की समस्या पर सांसद ने बताया कि इस मुद्दे में लगभग 90 प्रतिशत तक कमी आई है। शेष समस्याओं के समाधान के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है।
किसानों ने रखीं समस्याएं, मिला तत्काल समाधान का वादा
चौपाल के दौरान किसानों ने सिंचाई, बिजली आपूर्ति, खाद-बीज की उपलब्धता, फसल बीमा और ग्रामीण विकास से जुड़ी कई समस्याएं खुलकर रखीं। सांसद ने इन शिकायतों को गंभीरता से सुना और मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों को तुरंत अमल करने के निर्देश दिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसानों की हर जायज मांग सरकार की प्राथमिकता है।
प्रशासनिक और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी
कार्यक्रम में एसडीएम संतोष कुमार शुक्ला, खंड विकास अधिकारी रजत कुशवाह, एसीपी पिनाहट गिरीश कुमार, नायब तहसीलदार दयाचंद पौरुष सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। चौपाल के स्वागतकर्ता कप्तान सिंह वर्मा, जितेंद्र वर्मा, नितिन वर्मा, गजेंद्र सिंह वर्मा, कमल किशोर, अजय वर्मा, शंकर फौजी, रंजीत बघेल, रविन्द्र बघेल रहे, जबकि संचालन अजब सिंह वर्मा ने किया।
कार्यक्रम के अंत में ग्रामीण और किसान संतुष्ट नजर आए। यह चौपाल विकसित भारत और जी-राम-जी पहल के तहत जन-संवाद का एक सफल उदाहरण साबित हुई।





