फतेहाबाद/आगरा। यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से किसानों की चिंताएं गहरा गई हैं। नदी में आए उफान से यमुना की तलहटी में खड़ी फसलें पानी में डूब गईं। खेत तालाब में तब्दील हो गए हैं, जिससे किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया।

डौकी क्षेत्र के गांव नूरपुर के किसान महेंद्र सिंह, टिंकू, सियाराम, रघुवर लाल, छोटू, लोकेन्द्र सिंह, बंटू, विशम्बर, मुकेश, नेम सिंह और हरिदयाल सहित एक शतक से अधिक किसानों की फसल पूरी तरह जलमग्न हो गई है।

प्रभावित किसानों ने बताया कि धनिया, बाजरा, गोभी और हरी सब्जियों की फसलें नष्ट हो गई हैं, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा।

ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई दिनों से यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बारिश और पहाड़ों से आ रहे पानी के कारण नदी उफान पर है। ऐसे में खेतों में पानी भरने से न केवल मौजूदा फसल चौपट हो गई है, बल्कि अगली बुवाई भी संकट में पड़ सकती है। वही जोनेश्वर यमुना घाट की 12 सीढ़ियां यमुना के पानी में पूरी तरह डूब गई है किसानों ने प्रशासन से शीघ्र नुकसान का सर्वे कर मुआवजा दिलाने की मांग की है।

रिपोर्ट – सुशील गुप्ता

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