- किसानों को समय पर और व्यवस्थित तरीके से मिले खाद – डीएम
- स्टॉक पर्याप्त, लेकिन पारदर्शिता पर खास जोर
- सोसाइटियों और दुकानों पर होगी कड़ी निगरानी
- गड़बड़ी पकड़ने के लिए औचक निरीक्षण होंगे नियमित
- ओवररेटिंग और देरी करने वाली समितियों पर होगी कार्रवाई
आगरा। किसानों को खाद वितरण में हो रही परेशानी पर जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने गुरुवार को सख्त रुख अपनाया। डीएम ने खाद गोदामों का औचक निरीक्षण कर खामियां पाईं और बैठक में अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने साफ कहा कि उर्वरक वितरण में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डीएम ने निर्देश दिया कि सहकारी समितियों पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध रहे और किसानों को व्यवस्थित ढंग से उर्वरक दिया जाए। सोसाइटियां समय से खुलें और यदि कोई समिति समय पर मांग पत्र नहीं भेजती है तो उसे चिह्नित कर कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, आरटीजीएस में देरी करने वाली सोसाइटियों पर भी सख्ती बरतने के आदेश दिए।
बैठक में जिलाधिकारी को बताया गया कि जनपद में यूरिया 14,900 मीट्रिक टन, डीएपी 8,048 मीट्रिक टन और एनपीके 13,292 मीट्रिक टन उपलब्ध है। डीएम ने कहा कि भंडार पर्याप्त है, लेकिन पारदर्शिता और समय पर वितरण सुनिश्चित करना सबसे जरूरी है।
उन्होंने ओवररेटिंग पर रोक लगाने और सभी दुकानों पर रेट लिस्ट प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। साथ ही, गोदाम से सोसाइटियों तक खाद ले जाने वाले वाहनों की निगरानी के लिए अधिकारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। वाहन और चालक का नंबर संबंधित अधिकारी को उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।
डीएम ने साफ कहा कि एसीएम और मजिस्ट्रेटों की देखरेख में ही खाद वितरण होगा। किसानों से आधार कार्ड और खतौनी का सत्यापन कर ही खाद दिया जाएगा। स्टॉक और विक्रय रजिस्टर की नियमित जांच होगी तथा औचक निरीक्षण से गड़बड़ियों पर अंकुश लगाया जाएगा।
बैठक में एडीएम नगर यमुनाधर चौहान, एडीएम नमामि गंगे जुबेर बेग, उप निदेशक कृषि मुकेश कुमार, जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार, सहायक आयुक्त सहकारिता विमल कुमार सहित सभी एडीसीओ मौजूद रहे।























