आगरा: आगरा में साइबर अपराधियों का जाल अब इतना मजबूत हो चुका है कि पुलिसकर्मी भी उनके शिकार बन रहे हैं। थाना ट्रांस यमुना क्षेत्र के निवासी एक आरक्षी से ठगों ने क्रेडिट कार्ड पर जमा रिवॉर्ड पॉइंट्स और वाउचर रिडीम करने का झांसा देकर ₹2,05,481 की ठगी कर ली। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि साइबर ठग किसी को भी नहीं बख्शते – चाहे वह आम नागरिक हो या कानून का पहरुआ।
पीड़ित की पहचान और घटना का विवरण
- नाम: ओम प्रकाश कुशवाहा (आरक्षी)
- पद: रिजर्व पुलिस लाइन, पुलिस कमिश्नरेट आगरा में तैनात।
- पता: वर्तमान निवास – शिवानी धाम कॉलोनी, फेस-1, कालिंदी विहार (ट्रांस यमुना क्षेत्र)।
04 नवंबर 2025 को उनके मोबाइल पर एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को एक्सिस बैंक का अधिकारी बताया और क्रेडिट कार्ड पर जमा रिवॉर्ड पॉइंट्स तथा वाउचर रिडीम कराने का लालच दिया। बातों में उलझाकर ठगों ने कार्ड डिटेल्स, OTP और अन्य गोपनीय जानकारी हासिल कर ली।
- ट्रांजेक्शन:
- 04 नवंबर 2025: ₹1,68,200 निकाले गए।
- 05 नवंबर 2025: ₹37,281 निकाले गए।
- कुल ठगी: ₹2,05,481।
05 नवंबर को खाते से पैसे कटने का पता चलते ही आरक्षी ने तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज की। 06 नवंबर को साइबर सेल आगरा में प्रार्थना पत्र दिया गया।
पुलिस कार्रवाई
पीड़ित ने थाना ट्रांस यमुना में तहरीर देकर साइबर ठगी का मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने अज्ञात ठगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। जांच में शामिल:
- कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच।
- बैंक ट्रांजेक्शन ट्रेसिंग।
- संबंधित खातों की फ्रीजिंग/ट्रैकिंग की कोशिश।
पुलिस का कहना है कि जल्द ही ठगों की पहचान और गिरफ्तारी होगी।
बढ़ती साइबर ठगी पर चेतावनी
आगरा में पिछले कुछ महीनों में साइबर फ्रॉड के कई बड़े मामले सामने आए हैं, जैसे डिजिटल अरेस्ट, इन्वेस्टमेंट स्कैम और फेक बैंक कॉल्स। यह मामला खास तौर पर चिंताजनक है क्योंकि पीड़ित खुद पुलिसकर्मी हैं। साइबर एक्सपर्ट्स की सलाह:
- बैंक कभी फोन पर OTP, कार्ड डिटेल्स या पिन नहीं मांगते।
- रिवॉर्ड/कैशबैक/वाउचर के नाम पर आने वाली कॉल्स से सतर्क रहें।
- संदिग्ध कॉल आए तो तुरंत बैंक की आधिकारिक हेल्पलाइन पर कॉल करें।
- 1930 (साइबर हेल्पलाइन) या cybercrime.gov.in पर तुरंत रिपोर्ट करें।





