मुरैना/मप्र। जिले में बाल विवाह के खिलाफ प्रशासन की जीरो टॉलरेंस नीति का एक और सफल उदाहरण सामने आया है। चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर कुंआ तोर (सबलगढ़ थाना क्षेत्र) में एक नाबालिग बालिका के बाल विवाह की शिकायत प्राप्त हुई। शिकायत मिलते ही जानकारी तुरंत सबलगढ़ परियोजना अधिकारी को दी गई।
कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ के स्पष्ट निर्देशों के तहत अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सुश्री मेघा तिवारी के मार्गदर्शन में परियोजना अधिकारी श्रीमती भगवती शर्मा ने पुलिस प्रशासन के सहयोग से त्वरित टीम गठित की। टीम मौके पर पहुंची और बाल विवाह को रोकते हुए नाबालिग बालिका को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया।
कार्रवाई के मुख्य बिंदु:
- बालिका को उसके परिवार से अलग कर सुरक्षित स्थान पर रखा गया।
- बाल विवाह की रस्म को पूरी तरह रोक दिया गया।
- बालिका को अब जिला बाल कल्याण समिति (Child Welfare Committee) के समक्ष पेश किया जाएगा।
- समिति के आदेशानुसार बालिका के संरक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य और पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
- बाल विवाह में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई (Prohibition of Child Marriage Act, 2006 के तहत) शुरू की जाएगी।
कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि बाल विवाह समाज की जड़ों को खोखला करता है और बच्चों के भविष्य को अंधकारमय बनाता है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिले में ऐसी घटनाओं पर शून्य सहनशीलता बरती जाए और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 को और अधिक सक्रिय बनाया जाए ताकि समय पर सूचना मिल सके।
परियोजना अधिकारी श्रीमती भगवती शर्मा ने बताया कि बाल विवाह रोकथाम के लिए जिले में निरंतर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। ग्राम स्तर पर पंचायतों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्कूलों के माध्यम से मॉनिटरिंग की जा रही है। चाइल्ड हेल्पलाइन पर प्राप्त हर शिकायत पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है।
- रिपोर्ट – जिला ब्यूरो चीफ मुरैना मुहम्मद इसरार खान





