आगरा। यूनियन बजट 2026 को लेकर आगरा में उद्योग और व्यापार जगत के प्रतिनिधियों ने विस्तृत चर्चा की। नेशनल चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स के सभागार में आयोजित बैठक में बजट के कर प्रावधानों, एमएसएमई, निर्यात, निवेश और उद्योग से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर गहन मंथन किया गया। बैठक में जहां कई प्रावधानों को उद्योग हितैषी बताते हुए सराहा गया, वहीं कुछ निर्णयों को सीमित राहत वाला करार देते हुए असंतोष भी व्यक्त किया गया।
बैठक की अध्यक्षता चैम्बर अध्यक्ष संजय गोयल ने की। उन्होंने बताया कि चैम्बर की ओर से 23 जनवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को प्री-बजट मेमोरेंडम भेजा गया था। वित्त मंत्रालय ने 27 जनवरी को ई-मेल के माध्यम से सुझावों को आगे बढ़ाने की सूचना दी थी। चैम्बर पदाधिकारियों का दावा है कि उनके कई सुझावों को बजट में शामिल किया गया है।
💰 आयकर में राहत के प्रावधान
चर्चा के दौरान बताया गया कि अब रिवाइज्ड इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर के स्थान पर 31 मार्च कर दी गई है, हालांकि इसके लिए शुल्क देना होगा। आयकर असेसमेंट में निकलने वाली डिमांड पर पहले जहां 20 प्रतिशत राशि जमा करनी होती थी, उसे घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया है।
इसके अलावा चैरिटेबल ट्रस्ट के लिए आयकर फॉर्म-7 को सरल बनाने की घोषणा का भी स्वागत किया गया।
📉 टैक्स में राहत, पर कुछ फैसलों से निराशा
बैठक में बताया गया कि मोटर व्हीकल एक्ट के तहत मिलने वाले मुआवजे पर अब टैक्स नहीं लगेगा। वहीं, री-असेसमेंट की स्थिति में अपडेटेड रिटर्न दाखिल कर करदाता पेनल्टी से बच सकेंगे।
विदेश में शिक्षा और इलाज के लिए भेजे जाने वाले धन पर टीसीएस 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत किए जाने को राहत भरा कदम बताया गया।
हालांकि, फ्यूचर एंड ऑप्शन ट्रेडिंग पर टैक्स 0.10 से बढ़ाकर 0.15 प्रतिशत किए जाने पर व्यापारियों ने नाराजगी जताई। साथ ही डिविडेंड आय के लिए लिए गए ऋण पर ब्याज छूट न मिलने को भी निराशाजनक बताया गया।
🏭 एमएसएमई और फुटवियर सेक्टर को बढ़ावा
विशेषज्ञों ने कहा कि बजट में कई पेनल्टी और प्रोसिक्यूशन धाराओं को हटाकर टैक्स कानून को सरल बनाने की कोशिश की गई है। एमएसएमई कम्प्लायंस को आसान बनाने के लिए नए कॉरपोरेट मित्र तैनात किए जाएंगे।
उद्यम पोर्टल पर पंजीकृत सूक्ष्म इकाइयों को 5 लाख रुपये तक का क्रेडिट कार्ड देने के प्रावधान को सराहनीय बताया गया।
फुटवियर उद्योग के लिए जूते के अपर पर कस्टम ड्यूटी 20 से घटाकर 10 प्रतिशत करने को राहत भरा फैसला माना गया। वहीं, मेडिकल टूरिज्म और एआई शिक्षा पर फोकस को भी उद्योग के लिए सकारात्मक संकेत बताया गया।
📊 अन्य घोषणाओं पर भी चर्चा
बैठक में कैंसर की 17 दवाइयों पर टैक्स छूट, सोलर उपकरणों के सस्ते होने और बीमा क्षेत्र में एफडीआई सीमा 74 से बढ़ाकर 100 प्रतिशत किए जाने जैसे फैसलों पर भी चर्चा हुई।





