आगरा। फतेहपुर सीकरी से सांसद और भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार चाहर ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर फतेहपुर सीकरी बाईपास मार्ग पर महाराणा सांगा (राणा सांगा) की भव्य प्रतिमा स्थापित करने की मांग की है। इससे पहले उन्होंने मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद से विस्तृत चर्चा की और फिर औपचारिक पत्र मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजा।
खानुआ का रण: भारतीय स्वाभिमान का प्रतीक
पत्र में सांसद राजकुमार चाहर ने लिखा है कि 1527 ईस्वी में खानुआ के मैदान में महाराणा सांगा ने बाबर के खिलाफ जो युद्ध लड़ा, वह भारतीय इतिहास का एक गौरवशाली और निर्णायक अध्याय है। यह युद्ध केवल सैन्य संघर्ष नहीं था, बल्कि:
- भारतीय स्वाभिमान
- वीरता
- बलिदान
- राष्ट्र-रक्षा की भावना
का सशक्त प्रतीक था। राणा सांगा उन महानायकों में अग्रणी थे, जिन्होंने विदेशी आक्रांताओं के खिलाफ संगठित प्रतिरोध का नेतृत्व किया।
यहां खानुआ युद्ध और महाराणा सांगा की वीरता से जुड़ी कुछ ऐतिहासिक प्रतिनिधि तस्वीरें (कलाकृतियां और स्मारक):
फतेहपुर सीकरी बाईपास पर प्रतिमा से क्या लाभ?
सांसद ने पत्र में जोर दिया कि फतेहपुर सीकरी एक विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है, जहां हर साल लाखों देशी-विदेशी पर्यटक आते हैं। यदि बाईपास मार्ग पर उपयुक्त स्थान पर महाराणा सांगा की भव्य प्रतिमा लगाई जाती है, तो इससे:
- भारतीय इतिहास और राष्ट्र गौरव की भावना मजबूत होगी
- युवाओं और विद्यार्थियों में ऐतिहासिक बोध और देशभक्ति जागृत होगी
- पर्यटन को नया आयाम मिलेगा
- उत्तर प्रदेश और राजस्थान की साझा सांस्कृतिक विरासत को मजबूत पहचान मिलेगी
यह प्रतिमा केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का केंद्र बनेगी।
यहां महाराणा सांगा की भव्य प्रतिमाओं और स्मारकों के कुछ उदाहरण (राजस्थान और अन्य स्थानों से):
फतेहपुर सीकरी बाईपास का महत्व
फतेहपुर सीकरी बाईपास पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए महत्वपूर्ण मार्ग है। यहां प्रतिमा स्थापित होने से प्रवेश द्वार पर ही इतिहास का संदेश मिलेगा और पूरा क्षेत्र सांस्कृतिक-ऐतिहासिक महत्व से और चमकेगा।





