डीएम के सख्त आदेश—मनमानी फीस पर रोक, अभिभावकों को मिली बड़ी राहत
आगरा। शिक्षा व्यवस्था को लेकर जिलाधिकारी ने बड़ा और सख्त फैसला लिया है। शुल्क नियामक समिति की बैठक में डीएम ने निजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम कसते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि अब हर साल यूनिफॉर्म और किताबें बदलना अनिवार्य नहीं होगा। स्कूल किसी एक दुकान से खरीदारी के लिए अभिभावकों को मजबूर नहीं कर सकेंगे, जिससे अभिभावकों को आर्थिक राहत मिलेगी।
डीएम ने निर्देश दिए कि सभी स्कूल अपनी वेबसाइट पर फीस स्ट्रक्चर, ड्राइवरों और परिवहन व्यवस्था की पूरी जानकारी सार्वजनिक करें। फीस वृद्धि केवल उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर और समिति की मंजूरी के बाद ही संभव होगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए मान्यता रद्द करने और एफआईआर दर्ज करने की चेतावनी भी दी गई है।

परिवहन नियमों में भी सख्ती बरती जाएगी। बिना फिटनेस वाले वाहनों के संचालन और 18 साल से कम उम्र के छात्रों द्वारा वाहन चलाने की स्थिति में स्कूल प्रशासन जिम्मेदार होगा।
साथ ही आरटीई के तहत गरीब बच्चों को प्रवेश न देने पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए तुरंत एडमिशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अभिभावकों की लगातार शिकायतों और ‘पापा’ संगठन की मांगों के बाद यह निर्णय लिया गया है, जिससे अभिभावकों को बड़ी राहत मिली है।























