आगरा: कागारौल कस्बे के लिए आज एक ऐतिहासिक दिन है! क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या – भारी जाम – अब इतिहास बनने जा रही है। प्रशासन ने 5 किलोमीटर लंबे कागारौल बाईपास मार्ग के निर्माण को 52 करोड़ 95 लाख 79 हजार रुपये (लगभग 52.96 करोड़) की लागत से मंजूरी दे दी है। यह परियोजना क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगी।
यहाँ बाईपास जैसी परियोजनाओं से पहले और बाद का फर्क दिखाने वाले प्रतिनिधि दृश्य देखें (जाम भरा कस्बा vs सुचारु बाईपास मार्ग):
जाम की समस्या का अंतिम अध्याय
कागारौल कस्बे के बीचों-बीच से रोजाना भारी वाहनों का गुजरना पड़ता था, जिससे:
- घंटों तक जाम लगना आम बात थी
- आम नागरिक, स्कूली बच्चे, मरीज और व्यापारी भारी परेशानी झेलते थे
- समय, ईंधन और आर्थिक नुकसान होता था
बाईपास बनने के बाद भारी वाहन कस्बे से बाहर हो जाएंगे और यातायात पूरी तरह सुचारु हो जाएगा।
सांसद-विधायक के प्रयासों का कमाल
यह सफलता मुख्य रूप से फतेहपुर सीकरी सांसद राजकुमार चाहर (किसान मोर्चा राष्ट्रीय अध्यक्ष) और खेरागढ़ विधायक भगवान सिंह कुशवाहा के निरंतर प्रयासों का नतीजा है। हाल ही में दोनों नेताओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की और जनता की पीड़ा को गंभीरता से रखा। मुख्यमंत्री ने तुरंत प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
यहाँ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ सांसद-विधायक की मुलाकात का प्रतिनिधि चित्र:
बाईपास से क्या-क्या फायदे?
- जाम से पूरी तरह मुक्ति
- सड़क दुर्घटनाओं में भारी कमी
- स्थानीय व्यापार को नई गति
- औद्योगिक, शैक्षिक और व्यावसायिक गतिविधियों में तेजी
- कस्बे में यातायात, सुरक्षा और विकास का नया अध्याय
स्थानीय जनता में खुशी का माहौल
बाईपास की स्वीकृति की खबर फैलते ही कागारौल और आसपास के गांवों में उत्साह की लहर दौड़ गई है। लोग इसे ऐतिहासिक फैसला बता रहे हैं और सांसद राजकुमार चाहर व विधायक भगवान सिंह कुशवाहा के प्रति हार्दिक आभार जता रहे हैं। नागरिकों का मानना है कि यह परियोजना आने वाले वर्षों में कागारौल को विकास के नए मुकाम पर ले जाएगी।





