• गोविन्द पाराशर– संवाददाता आगरा
आगरा। भारतीय जन नाट्य संघ द्वारा आयोजित शिक्षाविद, रंगकर्मी, समाजसेवी अरुणा रघुवंशी स्मृति विचार गोष्ठी “महिला दिवस की सार्थकता: आज के समय में” नागरी प्रचारिणी सभा में संपन्न हुई। अतिथियों ने अरुणा रघुवंशी के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किये।
दिलीप रघुवंशी ने अरुणा रघुवंशी का परिचय पढ़ा। परमानन्द शर्मा के संगीत निर्देशन में कलाकारों ने होली गीत प्रस्तुत किए।
मुख्य वक्ता डॉ मधुरिमा शर्मा ने कहा कि साल में एक दिन महिलाओं का महिमा मंडन करना उचित नहीं माना जा सकता और एक महिला जो परिवार और समाज की धुरी है उसे इंसान के रूप में स्वीकार किया जाना अति आवश्यक है। प्रोफेसर ज्योत्स्ना रघुवंशी, डॉ शशि तिवारी, प्रो रामवीर सिंह, हरीश चिमटी व श्रीमती प्रियंका मिश्रा ने भी विचार व्यक्त किए।
इस अवसर पर शीरोज हैंग आउट की रूकैया खातून का सम्मान किया गया। रूकैया एसिड अटैक पीड़िता रही हैं और अब मुख्य धारा में इस चेतना को बढ़ा रही हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं वयोवृद्ध समाजसेवी सरला जैन महिला दिवस की शुभकामनाएँ दी। संचालन दिलीप रघुवंशी ने व धन्यवाद शकील चौहान ने किया।























