एआई क्षमता बढ़ाने के लिए बड़ा कदम, मिड-मार्केट बिजनेस को मिलेगी नई ताकत
बेंगलुरु। भारतीय फिनटेक जगत में एक नई हलचल! बेंगलुरु स्थित बी2बी फिनटेक स्टार्टअप मायसा ने प्री-सीरीज ए फंडिंग राउंड में 3.4 मिलियन डॉलर (करीब 28 करोड़ रुपये) जुटाए हैं। इस राउंड का सह-नेतृत्व ब्लूम वेंचर्स और पाइपर सेरिका ने किया, जबकि नए निवेशकों में इकेमोरी वेंचर्स, रेज फाइनेंशियल सर्विसेज और क्यूईडी ईनोवेशन लैब्स शामिल हुए। मौजूदा निवेशक एंटलर, आईआईएमए वेंचर्स और नियोन फंड ने भी इसमें हिस्सा लिया।
कंपनी की को-फाउंडर और सीईओ अर्पिता कपूर ने बताया कि इस फंडिंग के साथ मायसा की कुल जुटाई गई पूंजी अब 56 करोड़ रुपये हो गई है। मायसा का प्लेटफॉर्म मिड-साइज कंपनियों को फाइनेंशियल कंट्रोल, ऑडिटेबिलिटी और लाखों रुपये की बचत प्रदान करता है। यह वेंडर मैनेजमेंट, अकाउंट्स पेयेबल, एक्सपेंस मैनेजमेंट, जीएसटी आईटीसी वेरिफिकेशन और मल्टी-बैंक पेमेंट्स को एक ही जगह पर सरल बनाता है, जिससे मैन्युअल प्रोसेस, धोखाधड़ी और टैक्स लीकेज कम होते हैं।

AI और बैंकिंग में विस्तार की योजना
इस नई पूंजी का उपयोग मायसा अपनी एआई क्षमताओं को मजबूत करने और बैंकिंग प्रोडक्ट्स के विस्तार में करेगी। इसमें एआई-बेस्ड प्रोक्योरमेंट, यूपीआई आधारित एक्सपेंस मैनेजमेंट और कॉर्पोरेट क्रेडिट कार्ड जैसे इनोवेटिव प्रोडक्ट्स शामिल हैं। कंपनी अपने बढ़ते वेंडर नेटवर्क के जरिए एम्बेडेड फाइनेंसिंग के अवसर भी विकसित करेगी, जिससे बिजनेस को आसानी से कैपिटल उपलब्ध हो सके।
पब्लिक लॉन्च के महज एक साल से कम समय में मायसा ने जबरदस्त ग्रोथ दर्ज की है। वर्तमान में कंपनी 1,500 करोड़ रुपये से अधिक के वार्षिक ट्रांजैक्शन वॉल्यूम को प्रोसेस कर रही है और देशभर में 40,000 से ज्यादा बैंक अकाउंट्स में पेमेंट्स सक्षम कर चुकी है। मायसा ने 15 से अधिक बैंकों के साथ इंटीग्रेशन किया है, जिनमें एक्सिस बैंक, यस बैंक, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी बैंक प्रमुख हैं।
विविध सेक्टर्स में फैले ग्राहक
मायसा के क्लाइंट ओम्नी-चैनल कॉमर्स, क्विक कॉमर्स, मैन्युफैक्चरिंग, हॉस्पिटैलिटी, फिनटेक और रियल एस्टेट जैसे सेक्टर्स से जुड़े हैं। प्रमुख ग्राहकों में धन, विंट वेल्थ, स्विश, ड्रिंकप्राइम, वारी, हैंडपिक्ड, गुरु एंड जना, एक्सेल डेटा, एटॉमिक वर्क और मटेरियल डिपो शामिल हैं।
सीईओ का विजन
अर्पिता कपूर ने कहा, “आज फाइनेंस टीमों से तेजी और जटिलताओं को संभालने की उम्मीद की जाती है, लेकिन बुनियादी फाइनेंशियल इंफ्रास्ट्रक्चर अब भी पुराना है। हम एक ऐसा एआई आधारित प्लेटफॉर्म बना रहे हैं जो मौजूदा ईआरपी और बैंकिंग सिस्टम से आसानी से जुड़ जाता है, बिना किसी माइग्रेशन और शुरुआती लागत के।”
कंपनी का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में 10 लाख से अधिक मिड-साइज भारतीय कंपनियों को इंटेलिजेंट, बैंक-इंटीग्रेटेड फाइनेंस प्लेटफॉर्म प्रदान करना है। मायसा इस सेगमेंट में एक कैटेगरी-डिफाइनिंग बी2बी फिनटेक कंपनी बनने की राह पर तेजी से बढ़ रही है।
(रिपोर्ट: विशेष संवाददाता)