मथुरा।श्रीधाम वृन्दावन में सुप्रसिद्ध भागवत आचार्य मृदुल कांत शास्त्री के साथ हुई मारपीट और लूट की घटना ने संत समाज, श्रद्धालुओं तथा विभिन्न सामाजिक-राजनीतिक संगठनों में गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है। इस घटना को लेकर भारतीय जनता पार्टी और अखिल भारत हिन्दू महासभा सहित कई संगठनों ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है।जानकारी के अनुसार वृन्दावन बस स्टैंड के निकट एक वाहन टक्कर के बाद विवाद बढ़ गया, जिसके बाद कुछ लोगों ने एकजुट होकर मृदुल कांत शास्त्री पर हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावरों ने न केवल मारपीट की, बल्कि उनका गला दबाने का प्रयास किया और गले में पहनी रुद्राक्ष-सोने की चेन भी छीन ली।घटना के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु, समर्थक एवं विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता कोतवाली पहुंचे और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। देर रात तक चले घटनाक्रम के बाद प्रशासन द्वारा मामले में आवश्यक धाराएं जोड़ने और निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने पर स्थिति शांत हुई।अखिल भारत हिन्दू महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष पंडित संजय हरियाणा ने घटना की तीखी निंदा करते हुए कहा कि इस प्रकार की घटनाएं संत समाज के सम्मान को ठेस पहुंचाती हैं और बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच और कठोर सजा की मांग की।वहीं भारतीय जनता पार्टी ने भी इस घटना को अत्यंत गंभीर बताते हुए कहा कि यह केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि संपूर्ण संत समाज और ब्रजभूमि की आस्था पर सीधा आघात है। भाजपा मथुरा महानगर के जिलाध्यक्ष हरिशंकर राजू यादव ने कहा कि पार्टी संत समाज के सम्मान और ब्रज की मर्यादा की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी घटनाओं को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा और प्रशासन से न्यायपूर्ण कार्रवाई की अपेक्षा की जाती है।इसी क्रम में श्री वामन भगवान महोत्सव समिति के संस्थापक श्याम शर्मा ने भी घटना पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि वृन्दावन जैसी आध्यात्मिक नगरी में संतों के साथ इस प्रकार की अभद्रता अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने इसे धार्मिक आस्था पर सीधा प्रहार बताते हुए दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की।संगठनों ने एक स्वर में कहा कि मथुरा-वृन्दावन क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और ब्रजभूमि की गरिमा अक्षुण्ण बनी रहे।
























