फतेहाबाद/आगरा: थाना क्षेत्र के आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे सर्विस मल्लापुरा पुलिया के पास गुरुवार को ईमानदारी की एक प्रेरणादायक घटना सामने आई, जिसने मानवता में विश्वास को और मजबूत कर दिया।
आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे सर्विस रोड होते हुए आगरा की ओर जा रहे टिंकू निषाद निवासी सुतारी का पुरा थाना वसई अरेला अपने साथी डॉ. ज्ञान सिंह फतेहाबाद ,मटरेलाल शिक्षक, हरिओम राजपूत, गिरीश वर्मा और संजय के साथ कार से आगरा की तरफ जा रहे थे। तभी सर्विस रोड मल्ला पुरा पुलिया के पास सड़क किनारे उन्हें एक पर्स पड़ा दिखाई दिया।पर्स मिलने पर टिंकू निषाद ने उसे उठा लिया और कार कुछ दूरी आगे बढ़ी ही थी तब उन्होंने सड़क पर बैठी एक महिला को जोर-जोर से रोते-बिलखते देखा।
मानवता के नाते वे तुरंत महिला के पास पहुंचे और पूछा—“बहन जी, क्या बात हो गई?” महिला ने आंसू पोछते हुए बताया कि उसका पर्स रास्ते में कहीं गिर गया है जिसमें पैसे थे। वह काफी परेशान थी और असहाय होकर सड़क पर बैठी थी।पूछताछ में महिला की पहचान सुधा पत्नी छत्रपाल निवासी पारौली सिकरवार के रूप में हुई। तथा महिला अपने मायके पूटपुरा उझावली से वह अपने देवर देवरानी और बच्चों के साथ बाइक से ससुराल पारौली सिकरवार जा रही थीं, तभी अचानक उनका पर्स गिर गया था। टिंकू निषाद और उनके साथियों को समझ आ गया कि मिला हुआ पर्स इसी महिला का है। उन्होंने तुरंत पर्स महिला को सौंप दिया।
महिला के सामने पर्स खोलकर देखा तो उसमें 23 हजार रुपए की नकदी पूरी तरह सुरक्षित थी। पर्स मिलते ही महिला की आंखों में राहत और खुशी के आंसू छलक पड़े। उन्होंने कार सवार सभी लोगों को दिल से धन्यवाद दिया।
स्थानीय लोगों ने भी इन युवकों की ईमानदारी की सराहना की। आज जहाँ स्वार्थ और लापरवाही की घटनाएँ बढ़ती जा रही हैं, वहीं टिंकू निषाद और उनके साथियों ने इंसानियत और सच्चाई का बेहतरीन उदाहरण पेश किया है। उनकी यह ईमानदारी पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
- रिपोर्ट – सुशील गुप्ता





