आगरा: जिले के कुबेरपुर लैंडफिल साइट को पर्यावरणीय आपदा से हरे-भरे क्षेत्र में बदलने की दिशा में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने बड़ा कदम उठाया है। फरवरी 2026 में एनजीटी ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया, जिसमें नगर निगम को 46 एकड़ (कुछ रिपोर्ट्स में 47 एकड़) पुनः प्राप्त भूमि के पर्यावरणीय पुनर्जीवन का स्पष्ट रोडमैप सौंपा गया है। यह याचिका प्रमुख पर्यावरणविद् डॉ. शरद गुप्ता द्वारा दाखिल की गई थी, जो वर्षों से आगरा में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और प्रदूषण नियंत्रण के लिए संघर्षरत हैं।

एनजीटी के मुख्य निर्देश और आदेश के प्रमुख बिंदु

  • 16 एकड़ क्षेत्र में मियावाकी पद्धति से घना जंगल: उच्च घनत्व वाली देशी प्रजातियों का रोपण, जो तेजी से बढ़कर घना वन क्षेत्र बनाएगा। यह ताज ट्रेपेजियम जोन में पर्यावरणीय तनाव कम करने और बदबू-प्रदूषण को स्थायी रूप से खत्म करने के लिए है।
  • बाकी 30 एकड़ पर व्यापक हरित क्षेत्र: वन विभाग की तकनीकी सलाह और निगरानी में विकास। रोपण की लंबी अवधि तक देखभाल सुनिश्चित की जाएगी।
  • वेस्ट टू एनर्जी (WtE) प्लांट: 2026 के मध्य तक चालू करने का लक्ष्य। प्लांट थर्मेक्स इंडिया द्वारा स्थापित किया जा रहा है। बाउंड्रीवाल पूरा, उपकरण निर्माण जारी, असेंबलिंग जल्द शुरू। क्षमता 16 मेगावाट (पहले 8 MW बताई गई थी)। आगरा के अलावा फिरोजाबाद और आसपास के शहरों का ठोस कचरा भी यहां निस्तारित होगा।
  • याचिका का निस्तारण: प्लांट चालू होने के भरोसे और प्रगति रिपोर्ट्स के आधार पर एनजीटी ने तीन वर्षों से लंबित याचिका का समापन किया, लेकिन साइट को दोबारा प्रदूषण केंद्र न बनने देने का सख्त निर्देश दिया।

पृष्ठभूमि और प्रगति

कुबेरपुर साइट पर दशकों से कूड़ा डाला जाता रहा, जिससे विशाल कूड़े के पहाड़ बन गए थे। बायोमाइनिंग और रेमेडिएशन से 17.83 लाख मीट्रिक टन (कुछ रिपोर्ट्स में 19 लाख MT) लेगेसी वेस्ट हटाया गया, करीब 47 एकड़ भूमि पुनः प्राप्त हुई। पहले से ही कुछ हिस्सों में मियावाकी रोपण शुरू हो चुका है (10 एकड़ तक रिपोर्टेड)। यह स्वच्छ भारत मिशन-शहरी के तहत आगरा को एकीकृत अपशिष्ट प्रबंधन शहर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।

दैनिक जिला नज़र – (नजरिया सच का) प्रिंट & सोशल मीडिया न्यूज़ नेटवर्क दैनिक जिला नज़र सत्यनिष्ठ पत्रकारिता और जनपक्षीय विचारधारा का विश्वसनीय मंच है। हम समाचारों को केवल प्रसारित नहीं करते—बल्कि उन्हें प्रमाणिकता, नैतिकता और गहन विवेक के साथ पाठकों तक पहुँचाते हैं। स्थानीय सरोकारों से लेकर राष्ट्रीय मुद्दों तक, हर सूचना को हम निष्पक्ष दृष्टि, आधुनिक संपादकीय मानकों और जिम्मेदार मीडिया आचरण के साथ प्रस्तुत करते हैं। प्रिंट की गरिमा और डिजिटल की गति—दोनों का संतुलित संगम है "जिला नज़र"। हमारा ध्येय है— सत्य को स्वर देना, समाज को दिशा देना। दैनिक जिला नज़र जहाँ समाचार विश्वसनीयता की भाषा बोलते हैं।

error: Content is protected !!
Exit mobile version