आगरा। पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर शहर की सबसे बड़ी चोरी के मामले का पूरा खुलासा किया। थाना सिकंदरा क्षेत्र स्थित रोजर इंडस्ट्रीज लिमिटेड फैक्ट्री में 19 जनवरी को हुई चोरी में 52 लाख कैश (रिकवरी में 66.33 लाख मिले) और सोना, चांदी, हीरे के जेवरात (बाजार मूल्य करीब 7 करोड़) चुराए गए थे। कुल बरामदगी 7.70 करोड़ से ज्यादा की है – यह आगरा पुलिस के इतिहास की सबसे बड़ी रिकवरी में से एक है!

मास्टरमाइंड कौन?

पुलिस आयुक्त ने बताया कि शुरुआती जांच में मामला पेचीदा लग रहा था, लेकिन सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों से सुई फैक्ट्री के ही कंप्यूटर ऑपरेटर/सुपरवाइजर अनुपम शर्मा पर टिकी। पूछताछ में अनुपम ने कबूल किया कि वह अपनी गर्लफ्रेंड के साथ बेंगलुरु में सेटल होना चाहता था। फैक्ट्री मालिक अशोक बुद्धिराजा (या दीपक बुद्धिराजा – रिपोर्ट्स में दोनों नाम) का उस पर पूरा भरोसा था। अनुपम को फैक्ट्री की हर सुरक्षा व्यवस्था, लॉकर और रास्तों की पूरी जानकारी थी। इसी का फायदा उठाकर उसने सगे भाई अनुराग शर्मा और दोस्त संजय उर्फ संजू के साथ मिलकर साजिश रची।

वारदात कैसे अंजाम दी?

तीनों अभियुक्त पीछे के रास्ते से दीवार चढ़कर फैक्ट्री में घुसे। लॉकर तोड़कर कैश और जेवरात चुराए। बंटवारे से पहले ही पुलिस ने बाह क्षेत्र के जंगल/गांव में उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि चोरी का माल उन्होंने अपने गांव में जमीन खोदकर गड्ढे में गाड़ दिया था। निशानदेही पर पुलिस ने लगभग पूरा माल बरामद कर लिया – 66.33 लाख कैश, 3.8 किलो से ज्यादा सोना, 5.5 किलो चांदी और हीरे जड़े आभूषण। एक आरोपी पर पहले से गंभीर मुकदमे दर्ज हैं।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई

आयुक्त दीपक कुमार ने कहा कि चोरी के पहले दिन ही कैश बरामद कर लिया गया, लेकिन ज्वेलरी रिकवरी में थोड़ा समय लगा। फिर भी 72 घंटे के अंदर पूरा मामला सुलझा दिया। टीम ने लगातार तीन दिन बिना सोए मेहनत की।

सराहनीय भूमिका

इस कार्रवाई में डीसीपी सिटी अली अब्बास, एडीसीपी आदित्य, एसीपी अक्षय और अभय, थाना प्रभारी सिकंदरा त्रिपाठी सहित अन्य पुलिसकर्मियों की अहम भूमिका रही। आयुक्त ने टीम को प्रशस्ति पत्र और 25 हजार रुपये इनाम की घोषणा की।

उद्योग जगत की तारीफ

फुटवियर एवं चर्म निर्यात परिषद के चेयरमैन पूरन डावर ने पुलिस की कार्यशैली की खुलकर सराहना की। कहा कि यह खुलासा उद्योग में विश्वास मजबूत करता है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सुदृढ़ कानून-व्यवस्था नीति का जीवंत प्रमाण है। UP अब सुरक्षित औद्योगिक राज्य के रूप में उभर रहा है।

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