आगरा/दिल्ली: यमुना नदी के प्रदूषण से आगरा, मथुरा और आसपास के किसानों की सिंचाई प्रभावित हो रही है। इस समस्या को लेकर फतेहपुर सीकरी से सांसद एवं भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार चाहर ने आज दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मुलाकात की। सांसद ने एक विस्तृत पत्र सौंपकर तथ्यों के साथ समस्या बताई और ठोस समाधान सुझाए।
समस्या का पूरा ब्यौरा
सांसद चाहर ने पत्र में बताया कि हथनी कुंड बैराज से यमुना में आने वाला पानी वजीराबाद बैराज पर पूरी तरह रोक लिया जाता है। वजीराबाद से ओखला बैराज तक करीब 18 बड़े नाले सीधे यमुना में गिरते हैं। नतीजा: ओखला तक प्राकृतिक जल नहीं पहुंच पाता, सिर्फ नालों का अत्यधिक दूषित पानी बहता है। यही जहरीला पानी आगरा कैनाल के जरिए हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के मथुरा-आगरा जिलों में सिंचाई के लिए इस्तेमाल होता है। गंगा से 1800 क्यूसिक जल ओखला में लाया जाता है, लेकिन नालों की गंदगी से यमुना की जल गुणवत्ता खराब बनी रहती है।
किसानों पर असर
किसान मजबूरी में इसी प्रदूषित पानी से फसलें सिंचित कर रहे हैं। इससे कैंसर, चर्म रोग जैसी गंभीर बीमारियां बढ़ रही हैं। इसी पानी से उगाई सब्जियां-फसलें खाने से आमजन का स्वास्थ्य भी खतरे में है। सांसद ने कहा कि यह पर्यावरण और स्वास्थ्य का बड़ा संकट है।
सांसद की मुख्य मांगें
- नालों का पानी समुचित ट्रीटमेंट (STP) के बाद ही यमुना में डाला जाए।
- वजीराबाद बैराज से न्यूनतम 354 क्यूसिक पानी निरंतर छोड़ा जाए, ताकि प्राकृतिक जल बह सके।
CM रेखा गुप्ता का आश्वासन
मुख्यमंत्री ने सांसद की बातें गंभीरता से सुनीं और आश्वासन दिया कि मथुरा-आगरा जिलों की नहरों में शुद्ध पानी उपलब्ध कराया जाएगा। इससे किसानों को सिंचाई में राहत मिलेगी और बीमारियों से बचाव होगा।
CM ने बताया कि दिल्ली सरकार मिशन मोड में यमुना सफाई पर काम कर रही है:
- सीवेज ट्रीटमेंट क्षमता को 1500 MGD तक बढ़ाया जा रहा है (मौजूदा STP का उन्नयन + नई विकेंद्रीकृत STP)।
- 1799 अनधिकृत कॉलोनियों को दिसंबर 2026 से 2028 तक चरणबद्ध तरीके से सीवर नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।
- नजफगढ़-शाहदरा जैसे बड़े नालों की निगरानी के लिए ड्रोन सर्वे।
- यमुना की गाद हटाने के लिए फिनलैंड से विशेष मशीनें मंगाई गईं।
- DPCC और CPCB टीमें 47 स्थानों पर हर माह जल गुणवत्ता जांच कर रही हैं।
CM ने स्पष्ट किया कि हरियाणा और उत्तर प्रदेश सरकारों से समन्वय कर यमुना की सफाई और पुनर्जीवन की जिम्मेदारी पूरी गंभीरता से निभाई जाएगी।
सांसद चाहर की प्रतिक्रिया
सांसद ने विश्वास जताया कि दिल्ली सरकार के प्रयासों से नहरों में स्वच्छ जल मिलेगा, किसानों को सिंचाई और अन्न उत्पादन में राहत मिलेगी।





