आगरा: आगरा में ग्रीन गैस पाइपलाइन बिछाने के लिए की जा रही खुदाई ने एक बार फिर लापरवाही का बड़ा उदाहरण पेश किया है। खंदारी चौराहे के पास ठेकेदार फर्म ने जलकल विभाग की सिकंदरा से आने वाली मेन राइजिंग लाइन क्षतिग्रस्त कर दी। इससे हजारों लीटर गंगाजल चौराहे पर बहने लगा, जिससे पैदल यात्रियों और वाहन चालकों को भारी परेशानी हुई। शाम तक दयालबाग, लॉयर्स कॉलोनी, निर्भय नगर समेत कई इलाकों की ओवरहेड टंकियों में पानी नहीं पहुंचा, जिससे करीब 35 हजार लोग प्रभावित हुए।
घटना का विवरण
- स्थान: खंदारी चौराहा (सिकंदरा कॉरिडोर के पास)।
- क्या हुआ: ग्रीन गैस कंपनी के ठेकेदार ने बिना जलकल विभाग से सर्वे या अनुमति लिए खुदाई शुरू की। खुदाई के दौरान जलकल की मुख्य पाइपलाइन टूट गई, जिससे गंगाजल सड़क पर बहने लगा।
- प्रभाव:
- चौराहा पार करने वाले पैदल राहगीरों को पानी में चलना पड़ा।
- शाम को कई कॉलोनियों में पानी की सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई।
- प्रभावित क्षेत्र: दयालबाग, लॉयर्स कॉलोनी, निर्भय नगर और आसपास के इलाके।
- अनुमानित प्रभावित लोग: करीब 35 हजार।
जलकल विभाग का बयान
जलकल विभाग के जीएम एके राजपूत ने बताया कि ठेकेदार ने बिना विभाग से समन्वय या अनुमति के काम किया। लाइन क्षतिग्रस्त होने से आपूर्ति प्रभावित हुई है। ठेकेदार ने रात में लाइन ठीक करने का वादा किया है, लेकिन सुबह तक सप्लाई पूरी तरह बहाल नहीं हो पाएगी। विभाग ने तुरंत मरम्मत शुरू कराई है, लेकिन सुबह पानी की कमी रहेगी।
लापरवाही पर सवाल
- ग्रीन गैस पाइपलाइन बिछाने के काम में अक्सर अन्य यूटिलिटी लाइनों (पानी, सीवर, बिजली) को नजरअंदाज किया जाता है।
- आगरा में पिछले कुछ वर्षों में मेट्रो, स्मार्ट सिटी और गैस पाइपलाइन प्रोजेक्ट्स के दौरान ऐसी घटनाएं आम हो गई हैं।
- स्थानीय लोगों ने मांग की है कि सभी प्रोजेक्ट्स में पहले सर्वे, अनुमति और कोऑर्डिनेशन अनिवार्य हो। ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई और जुर्माना लगाया जाए।





