फतेहाबाद रोड निवासी मां रूबी सिंह ने उठाया कदम – बच्चों की मानसिक सुरक्षा पर गंभीर खतरा
आगरा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बढ़ते अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट ने अब बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को गंभीर खतरे में डाल दिया है। आगरा के फतेहाबाद रोड स्थित मियापुर मोहल्ले की निवासी रूबी सिंह ने अपने दो छोटे बच्चों के मोबाइल पर अचानक चल पड़े अश्लील वीडियो के खिलाफ एक यूट्यूबर के विरुद्ध पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर IPC की धारा 292, 293, 294 के साथ-साथ आईटी एक्ट की धारा 67, 67A के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घटना का विवरण: सामान्य रील से अश्लीलता तक का सफर
रूबी सिंह के अनुसार, उनके बच्चे (उम्र 8 और 10 वर्ष) शाम को मोबाइल पर सामान्य रील्स देख रहे थे। अचानक “Focus on Gauri” नामक यूट्यूब चैनल/इंस्टाग्राम/टिकटॉक अकाउंट से एक अश्लील और अत्यंत आपत्तिजनक रील प्ले हो गई। जब रूबी ने अकाउंट खंगाला तो पाया कि वहां दर्जनों वीडियो हैं, जिनमें:
- स्पष्ट यौन सामग्री (पोर्नोग्राफिक कंटेंट)
- अश्लील डांस, अंडरगारमेंट्स में वीडियो
- महात्मा गांधी, अन्य महापुरुषों और धार्मिक भावनाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणियां
मां की चिंता: “बच्चे बिगड़ रहे हैं, समाज खतरे में”
रूबी सिंह ने पुलिस को दिए बयान में कहा: “आज बच्चे मोबाइल से दूर नहीं रह सकते, लेकिन अगर इस तरह का कंटेंट खुलेआम फैलाया जाएगा तो उनके भविष्य पर गहरा असर पड़ेगा। ये लड़कियां सिर्फ लाइक्स, फॉलोअर्स और पैसे के लिए अश्लीलता फैला रही हैं। मेरे बच्चों ने जो देखा, वो उनकी उम्र के लिए बिल्कुल अनुचित था। मैं चाहती हूं कि ऐसे क्रिएटर्स पर सख्त कार्रवाई हो और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ऐसी सामग्री पर रोक लगे।”
पुलिस की कार्रवाई और जांच के बिंदु
- थाना क्षेत्र: फतेहाबाद (आगरा)
- शिकायतकर्ता: रूबी सिंह (मियापुर, फतेहाबाद रोड)
- आरोपी: “Focus on Gauri” नामक सोशल मीडिया अकाउंट की संचालिका (नाम और पता जांच के दौरान पता लगाया जाएगा)
- धारा: IPC 292 (अश्लील किताबें/सामग्री), 293 (बच्चों के लिए अश्लील सामग्री), 294 (अश्लील कृत्य), आईटी एक्ट 67 (इलेक्ट्रॉनिक रूप में अश्लील सामग्री), 67A (स्पष्ट यौन सामग्री)
- वर्तमान स्थिति: पुलिस ने अकाउंट के स्क्रीनशॉट, वीडियो और अन्य डिजिटल सबूत जब्त किए हैं। यूट्यूब/मेटा (फेसबुक/इंस्टाग्राम) से संपर्क कर अकाउंट ब्लॉक करवाने की प्रक्रिया शुरू।
सोशल मीडिया पर अश्लील कंटेंट का बढ़ता खतरा
यह मामला आगरा में अकेला नहीं है। पिछले 6 महीनों में उत्तर प्रदेश पुलिस के साइबर सेल ने 500+ से अधिक ऐसे अकाउंट्स पर कार्रवाई की है, जो बच्चों और किशोरों को टारगेट कर अश्लील रील्स पोस्ट करते थे। विशेषज्ञों का कहना है कि:
- एल्गोरिदम का दोष: प्लेटफॉर्म्स का एल्गोरिदम ऐसी सामग्री को अधिक प्रचारित करता है।
- पेरेंटल कंट्रोल की कमी: ज्यादातर माता-पिता बच्चों के मोबाइल इस्तेमाल पर नजर नहीं रखते।
- कानूनी सजा: ऐसे मामलों में 3 से 7 साल तक की सजा और भारी जुर्माना हो सकता है।
यहां सोशल मीडिया पर अश्लील कंटेंट से जुड़े कुछ प्रतिनिधि दृश्य (सेंसरशिप के साथ):
और पुलिस द्वारा ऐसे अकाउंट्स के खिलाफ कार्रवाई की तस्वीरें:
माता-पिता के लिए सलाह
- बच्चों के मोबाइल पर YouTube Kids, Google Family Link या अन्य पेरेंटल कंट्रोल ऐप्स इस्तेमाल करें।
- Restricted Mode ऑन रखें।
- किसी भी आपत्तिजनक कंटेंट पर तुरंत 1930 (साइबर क्राइम हेल्पलाइन) या स्थानीय पुलिस को सूचित करें।
निष्कर्ष
यह घटना सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की चिंता है। सोशल मीडिया पर लाइक्स और फॉलोअर्स की दौड़ में कई क्रिएटर्स नैतिकता और कानून की सीमाएं लांघ रहे हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से उम्मीद है कि ऐसे क्रिएटर्स पर लगाम लगेगी और बच्चों की डिजिटल सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
वीडियो वॉइस ओवर स्क्रिप्ट (30-45 सेकंड): “नमस्कार! आगरा में सोशल मीडिया पर अश्लील कंटेंट का मामला सामने आया है। एक मां ने ‘Focus on Gauri’ नामक यूट्यूबर के खिलाफ FIR दर्ज कराई। बच्चों के सामने आपत्तिजनक रील्स चल रही थीं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बच्चों की सुरक्षा के लिए पेरेंटल कंट्रोल जरूरी। पूरी खबर के लिए हमारे साथ बने रहिए।”





