आगरा: जनपद आगरा के खंदौली थाना क्षेत्र में दहेज की क्रूरता ने एक बार फिर समाज को झकझोर दिया है। 8 महीने की गर्भवती महिला शबनम (उम्र करीब 24-25 वर्ष) की दहेज मांग पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। ससुराल वालों ने शव को चमड़े की बेल्ट से पंखे पर लटकाकर आत्महत्या का नाटक रचा, लेकिन मायके पक्ष ने इसे हत्या साबित कर पुलिस को तहरीर दी। पुलिस ने मात्र 24 घंटे के भीतर तीनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

घटना का पूरा विवरण

शबनम की शादी 10 नवंबर 2024 को सलमान (पुत्र छोटेखां, निवासी सौरई गांव, खंदौली) से हुई थी। मायके पक्ष ने अपनी हैसियत के अनुसार दहेज दिया, लेकिन शादी के कुछ महीनों बाद ही ससुराल वाले अतिरिक्त दहेज की मांग करने लगे। शबनम को लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना दी जाती थी – कई बार मारपीट हुई। मायके ने सामाजिक दबाव में समझौता करने की कोशिश की, लेकिन 8 फरवरी 2026 को दहेज मांग पूरी न होने पर ससुराल वालों ने उसे पीट-पीटकर मार डाला और शव को फंदे पर लटका दिया।

मृतका के भाई जकील अहमद (निवासी बाला चावली, थाना एत्मादपुर) ने 9 फरवरी को खंदौली थाने में तहरीर दी। सूचना पर मायके वाले मौके पर पहुंचे और पुलिस को पूरा घटनाक्रम बताया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में हत्या के संकेत मिले हैं।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई

मामले की गंभीरता देखते हुए खंदौली थाने में मु.अ.सं. 35/2026 के तहत बीएनएस की धारा 11(2), 85, 80(2), 61(2) और दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 में मुकदमा दर्ज किया गया। 10 फरवरी को मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने इंटरचेंज के पास चेकिंग के दौरान तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

  • गिरफ्तार:
    • सलमान (पति, सोन टेंट हाउस, पैंठेखेड़ा रोड, खंदौली)
    • छोटेखां (ससुर, पुत्र सब्बीर खान, वही पता)
    • एक महिला आरोपी (परिवार की सदस्य)

गिरफ्तारी टीम में प्रभारी निरीक्षक कुलदीप सिंह, उपनिरीक्षक गौरव सिंह, महिला उपनिरीक्षक रोशनी राणा, कांस्टेबल हरीश शर्मा, हर्ष तोमर और महिला कांस्टेबल भावना शामिल रहीं। पुलिस ने कहा कि आगे की जांच और विधिक कार्रवाई जारी है।

समाज पर सवाल

यह घटना दहेज प्रथा की क्रूरता को उजागर करती है। एक गर्भवती महिला और उसके अजन्मे बच्चे की जान चली गई। मायके पक्ष ने आरोप लगाया कि ससुराल वाले हैवान बन गए थे। UP में दहेज हत्याओं के मामले बढ़ रहे हैं, और यह केस महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल उठाता है।

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