आगरा: आगरा में जनशिकायतों के निस्तारण में हो रही गंभीर लापरवाही पर जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने कड़ा रुख अपनाया है। नाला सफाई, कूड़ा उठान जैसी बुनियादी समस्याओं की शिकायतों का सही समाधान न करके, शिकायतकर्ता से संपर्क किए बिना ही फर्जी रिपोर्ट अपलोड करने के मामलों पर DM ने अपर नगरायुक्त सहित 11 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस थमा दिया है।
जांच में पता चला कि कई विभागों में शिकायतें सिर्फ कागजों पर ही निपटाई जा रही थीं। नागरिकों से बात किए बिना IGRS पोर्टल पर “समस्या हल हो गई” जैसी रिपोर्ट डाल दी जाती थी। इसका असर प्रदेश की IGRS रैंकिंग पर पड़ा और आगरा दिसंबर में फिसलकर 42वें स्थान पर पहुंच गया।
DM ने इसे प्रशासनिक व्यवस्था पर बड़ा सवाल बताते हुए संबंधित अधिकारियों से तय समय में जवाब मांगा है। संतोषजनक स्पष्टीकरण न मिलने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
नोटिस पाने वाले अधिकारी:
- अपर नगरायुक्त
- सीएमओ
- जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी
- परियोजना अधिकारी डूडा
- प्रभागीय वन अधिकारी
- सहायक निबंधक सहकारिता
- सहायक महानिरीक्षक निबंधन
- जिला क्षय रोग अधिकारी
- उप निदेशक निर्माण मंडी परिषद
इसके अलावा उपायुक्त वाणिज्य कर, जिला आबकारी अधिकारी और जिला डाक अधीक्षक से भी स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
जिलाधिकारी ने साफ कहा कि जनशिकायतों का तेज, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण प्रशासन की टॉप प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जल्द ही सभी विभागों की समीक्षा बैठक बुलाकर जवाबदेही तय की जाएगी।





