आगरा6: उत्तर प्रदेश के उद्योग जगत के लिए राहत भरी खबर! मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लंबे समय से चली आ रही मांग को स्वीकार करते हुए व्यावसायिक एवं औद्योगिक संपत्तियों के पारिवारिक दान विलेखों पर स्टाम्प शुल्क में छूट प्रदान करने की मंजूरी दे दी है। इस निर्णय से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) सेक्टर को बड़ी राहत मिलेगी और प्रदेश में औद्योगिक विकास तथा रोजगार सृजन को नई गति मिलेगी।
चैम्बर ऑफ कॉमर्स का स्वागत
आगरा चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष संजय गोयल ने इस निर्णय पर मुख्यमंत्री का हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अब तक पारिवारिक दान विलेखों (जैसे मिल, फैक्ट्री, कार्यशाला या व्यावसायिक संपत्ति को पुत्र, पुत्री, पत्नी या भाई के नाम करने) में बाजार मूल्य के आधार पर लगने वाला भारी स्टाम्प शुल्क एक बड़ी रुकावट था। इससे उद्यमी औपचारिक दान से बचते थे, जिससे अनौपचारिक व्यवस्थाएं अपनाई जाती थीं और आगे कानूनी विवाद पैदा होते थे।
संजय गोयल ने बताया कि उत्तर प्रदेश की अधिकांश औद्योगिक इकाइयां पारिवारिक प्रयासों से स्थापित होती हैं। उद्यमी जीवनकाल में या उत्तराधिकार योजना के तहत व्यवसाय को परिवार को सुरक्षित सौंपना चाहते हैं, ताकि उद्योग निरंतर चलता रहे। यह निर्णय उद्यमियों को कानूनी सुरक्षा और आर्थिक राहत देगा, साथ ही सरकार को पारदर्शी राजस्व प्राप्ति सुनिश्चित करेगा।
फायदे क्या होंगे?
- ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को मजबूती।
- पारिवारिक उद्योगों की निरंतरता बनी रहेगी।
- नए निवेश को प्रोत्साहन और रोजगार अवसरों में वृद्धि।
- कानूनी विवादों में कमी और पारदर्शिता बढ़ेगी।
- स्टाम्प शुल्क छूट से उद्यमियों का आर्थिक बोझ कम।
चैम्बर ने इस दूरदर्शी और उद्योग हितैषी फैसले को सराहा है। उद्योग जगत में इस घोषणा से व्यापक उत्साह और संतोष का माहौल है। यह कदम उत्तर प्रदेश को निवेश के लिए और आकर्षक बनाएगा।





