आगरा। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) आगरा मेट्रो के प्रथम कॉरिडोर को आईएसबीटी तक विस्तारित करने के काम में तेजी ला रही है। प्रोजेक्ट अब निर्णायक चरण में पहुंच चुका है, जहां भूमिगत स्टेशनों का फिनिशिंग कार्य अंतिम दौर में है और आईएसबीटी मेट्रो स्टेशन साफ-साफ आकार लेने लगा है।
मुख्य हाइलाइट्स
- आईएसबीटी, गुरु का ताल और सिकंदरा — ये तीनों एलिवेटेड स्टेशन सिंगल पिलर तकनीक से बनाए जा रहे हैं।
- इस तकनीक से निर्माण तेज, लागत प्रभावी और सड़क पर कम जगह घेरने वाला होता है।
- राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) पर होने के कारण पारंपरिक बड़े कॉन्कोर्स की जगह छोटा और स्मार्ट कॉन्कोर्स डिजाइन किया गया है, ताकि ट्रैफिक पर न्यूनतम प्रभाव पड़े।
यहां सिंगल पिलर तकनीक से बने मेट्रो स्टेशनों के कुछ आधुनिक उदाहरण (भारत के अन्य शहरों से):
यात्रियों और आम लोगों के लिए बड़ी राहत
- तीनों स्टेशनों पर राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों तरफ से प्रवेश-निकास की सुविधा।
- स्टेशन से जुड़ा फुटओवर ब्रिज आम राहगीरों के लिए भी खुला रहेगा, जिससे NH पार करना आसान और सुरक्षित हो जाएगा।
- इससे स्थानीय लोगों को रोजाना की परेशानी से बड़ी राहत मिलेगी।
यहां एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन के फुटओवर ब्रिज और दोनों तरफ एंट्री-एग्जिट की सुविधा दिखाती प्रतिनिधि तस्वीरें:
आईएसबीटी मेट्रो स्टेशन का प्रगति दृश्य
UPMRC के अनुसार, आईएसबीटी स्टेशन अब तेजी से बन रहा है। यहां निर्माणाधीन आईएसबीटी मेट्रो स्टेशन और आसपास के एलिवेटेड ट्रैक की कुछ तस्वीरें:
क्या बदलेगा आगरा में?
- आईएसबीटी से बेहतर कनेक्टिविटी
- शहर के बाहरी इलाकों (सिकंदरा, गुरु का ताल) तक मेट्रो पहुंच
- NH पर ट्रैफिक जाम में कमी
- पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित क्रॉसिंग





