आगरा: जिले में साइबर ठगों का कहर जारी। HIG संजय प्लेस के अनिल कुमार शर्मा के व्हाट्सएप पर फर्जी PNB कस्टमर केयर ने APK फाइल भेजकर मोबाइल हैक कर लिया, दो खातों से 8 लाख रुपये उड़ा लिए। वहीं, कचहरी घाट के हितेंद्र जैन को टेलीग्राम पर ‘अनाया’ नामक युवती ने पार्ट-टाइम जॉब का लालच देकर 8 लाख की ठगी की। ये केस APK मालवेयर और इनवेस्टमेंट स्कैम के बढ़ते ट्रेंड को उजागर करते हैं। एडीसीपी सिटी आदित्य सिंह ने चेतावनी दी – अनजान फाइल न डाउनलोड करें, 1930 पर तुरंत कॉल करें। एक दंपति को इसी हेल्पलाइन ने 39 लाख वापस दिलाए।
केस-1: APK फाइल से हैकिंग – 8 लाख गायब 25 अक्टूबर को HIG संजय प्लेस निवासी अनिल कुमार शर्मा (52) को एक अनजान नंबर से कॉल आया। कॉलर ने खुद को PNB कस्टमर केयर बताया और कहा, “आपका अकाउंट सस्पेंड हो रहा है, KYC अपडेट के लिए APK फाइल डाउनलोड करें।” अनिल ने व्हाट्सएप पर भेजी फाइल क्लिक की, जो मालवेयर थी। तुरंत फोन हैक हो गया – बैकग्राउंड में स्क्रीन मिररिंग शुरू, OTP चोरी। दो अलग-अलग खातों (SBI और PNB) से कुल 8 लाख रुपये निकाले गए: 4.5 लाख एक ट्रांजैक्शन में, बाकी छोटे-छोटे। अनिल ने साइबर थाने में FIR दर्ज कराई (क्राइम नंबर 1345/2025)। साइबर एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह ‘APK Trojan’ स्कैम है, जहां फाइल डाउनलोड होते ही बैंकिंग ऐप्स एक्सेस हो जाते हैं।
केस-2: टेलीग्राम पर जॉब स्कैम – 8 लाख का चूना 14 जून को कचहरी घाट, छत्ता निवासी हितेंद्र जैन (35) को एक युवती का कॉल आया। नाम ‘अनाया’, कंपनी ‘बेस्ट डिजिटल मार्केटिंग एजेंसी’। बोली, “गूगल रिव्यू पोस्ट करें, 150-1000 रुपये प्रतिदिन कमाएं।” पहला टास्क पूरा कर 150 रुपये मिले। फिर टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा – 50+ मेंबर्स, स्क्रीनशॉट शेयरिंग से भरोसा बढ़ा। रोज 3 टास्क पर 150 रुपये पेमेंट। बाद में ‘स्टॉक ट्रेडिंग वेलफेयर टास्क’ का लालच: “2000 लगाओ, 2800 कमाओ। टीचर गाइड करेगा।” प्रॉफिट दिखाकर बड़े टास्क दिए, कुल 8 लाख ट्रांसफर करवाए। जब विड्रॉअल मांगा, तो ग्रुप डिलीट। हितेंद्र ने साइबर थाने में शिकायत की (FIR 0987/2025)। यह ‘Task-Based Investment Scam’ है, जहां छोटे पेमेंट से लालच बढ़ाया जाता है।
अन्य ठगी केस – मुनाफे का जाल आगरा साइबर सेल के आंकड़े चिंताजनक: पिछले 3 महीनों में 200+ केस, कुल 5 करोड़ की ठगी। अन्य उदाहरण:
- सुभाष नगर, कमला नगर: राजेश शंकर अग्रवाल (45) से शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 5-17 सितंबर के बीच 25.26 लाख ठगे। फर्जी ऐप पर ‘हाई रिटर्न’ दिखाकर।
- आवास विकास कॉलोनी: लक्ष्मण सिंह (38) को फेसबुक पर ‘क्वांटम AI ट्रेडिंग’ का लालच देकर 5.16 लाख उड़ाए।
- गैलाना: नवीन कुमार (29) को टेलीग्राम पर ‘फॉलो टास्क’ का झांसा – 180 रुपये देकर लालच, फिर ब्लैकमेल कर 5.72 लाख लिए।
1930 हेल्पलाइन का कमाल – 39 लाख बचाए दयालबाग के डेयरी संचालक अशोक कुमार (55) और पत्नी माधुरी (52) को ‘डिजिटल अरेस्ट’ स्कैम में फंसाया – CBI अफसर बनकर 59 लाख मांगे। तुरंत 1930 पर कॉल की, पुलिस ने 12 खातों (पश्चिम बंगाल-बिहार आधारित) फ्रीज कराए। 29 लाख वापस मिले, 10 लाख और रिकवरिंग। एडीसीपी आदित्य सिंह ने कहा: “39 लाख सीज्ड। यह हेल्पलाइन ठगी के 24 घंटे के अंदर कार्रवाई सुनिश्चित करती है।”























