आगरा: ताजनगरी में साइबर ठगों के नए-नए हथकंडे आम लोगों, खासकर बुजुर्गों को लगातार निशाना बना रहे हैं। ताजा मामला खंदारी थाना क्षेत्र का है, जहां 72 वर्षीय महिला प्रमोद कुमारी सिंह को ठगों ने डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर 33 लाख रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने खुद को नई दिल्ली के टेलीकॉम हेडक्वार्टर और जांच एजेंसियों के अधिकारी बताकर महिला को गंभीर धाराओं में फंसाने की धमकी दी।
पीड़िता को फोन पर बताया गया कि उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का फर्जी मुकदमा दर्ज है और यदि तुरंत सहयोग नहीं किया तो जेल जाना पड़ेगा। ठगों ने महिला को बार-बार डराया कि उन्हें डिजिटल अरेस्ट किया जा रहा है और किसी से संपर्क करने पर स्थिति और खराब हो जाएगी। इस मानसिक दबाव में महिला ने अलग-अलग बैंक खातों में आरटीजीएस के जरिए कुल 33 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
ठगी का तरीका
ठगों ने कॉल के दौरान खुद को नई दिल्ली से जुड़े उच्च अधिकारी बताया। उन्होंने जांच एजेंसियों (जैसे CBI, ED) का नाम लेकर लगातार धमकियां दीं। महिला को कहा गया कि उनके आधार या बैंक अकाउंट का दुरुपयोग हो रहा है और सहयोग न करने पर गिरफ्तारी होगी। डर के मारे महिला ने बिना किसी सत्यापन के पैसे ट्रांसफर कर दिए।
पुलिस एक्शन
मामले की सूचना मिलते ही डीसीपी सिटी सैय्यद अली अब्बास ने तुरंत संज्ञान लिया। साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ठगों की लोकेशन ट्रेस करने, इस्तेमाल किए गए बैंक खातों को फ्रीज कराने और रकम रिकवर करने के प्रयास में जुटी है। डीसीपी ने कहा कि जांच तेजी से चल रही है और जल्द ही ठगों तक पहुंचा जाएगा।
पुलिस की अपील और सलाह
डीसीपी सिटी अली अब्बास ने आमजन से अपील की है:
- किसी भी धमकी भरे फोन कॉल से घबराएं नहीं।
- कोई सरकारी एजेंसी फोन पर पैसे नहीं मांगती।
- ऐसे कॉल आने पर तुरंत सत्यापन करें (जैसे स्थानीय थाने या आधिकारिक नंबर से संपर्क)।
- बिना जांच के किसी खाते में पैसा ट्रांसफर न करें।
- संदिग्ध कॉल की शिकायत तुरंत 1930 (साइबर क्राइम हेल्पलाइन) या स्थानीय साइबर थाने में करें।
बढ़ते साइबर अपराध का संकट
आगरा में हाल के महीनों में डिजिटल अरेस्ट, फर्जी एफआईआर और मनी लॉन्ड्रिंग के नाम पर कई ठगी के मामले सामने आए हैं। बुजुर्ग अक्सर आसान शिकार बनते हैं क्योंकि वे तकनीकी जानकारी कम रखते हैं। पुलिस ने हाल ही में कई गिरोहों का भंडाफोड़ किया है, लेकिन ठग नए तरीके अपनाते रहते हैं। यह घटना एक बार फिर सतर्कता की जरूरत पर जोर देती है।


