बरेली: इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (IMC) के अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा के निजी सचिव अफजाल बेग ने बुधवार को एसीजेएम तृतीय की अदालत में शांतिपूर्ण तरीके से आत्मसमर्पण कर दिया। 26 सितंबर को शहर में हुए उपद्रव के मामले में फरार चल रहे अफजाल पर 15 हजार रुपये का इनाम घोषित था। कोर्ट ने उन्हें फिलहाल जेल भेज दिया है। यह आत्मसमर्पण पुलिस की मौजूदगी में हुआ, लेकिन अफजाल ने वकील और कुछ करीबियों की मदद से चुपचाप सरेंडर किया।
अफजाल बेग का पृष्ठभूमि और भूमिका
विहारीपुर सिविल लाइंस निवासी अफजाल बेग IMC की पूर्व कमेटी में पदाधिकारी रह चुके हैं और हमेशा मौलाना तौकीर रजा व पार्टी प्रवक्ता डॉ. नफीस के करीब रहे। किला थाना प्रभारी सुभाष सिंह ने बताया कि अफजाल पर बारादरी थाने में दर्ज एक अन्य बवाल के मुकदमे में भी वांछित चल रहे हैं। इसलिए, बारादरी पुलिस उनकी रिमांड मांगेगी। पुलिस को आत्मसमर्पण की पहले से जानकारी थी, और टीम कोर्ट के बाहर तैनात की गई थी।
26 सितंबर के उपद्रव का संक्षिप्त विवरण
26 सितंबर को जुमे की नमाज के बाद बरेली में ‘आई लव मोहम्मद’ अभियान के समर्थन में प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क उठी। मीनार मस्जिद क्षेत्र में पथराव, फायरिंग और पुलिस पर हमला हुआ। इस घटना में पांच थानों में 10 मुकदमे दर्ज किए गए। IMC प्रमुख मौलाना तौकीर रजा को इसका मास्टरमाइंड मानते हुए गिरफ्तार किया गया था, और उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया। CM योगी आदित्यनाथ ने ऐसे उपद्रवियों को “सबक सिखाने” की बात कही थी।
इसके अलावा, IMC से जुड़े फर्जी दस्तखतों और 2019 के NRC विरोधी प्रदर्शनों से संबंधित कुल 13 मुकदमों की रोजाना समीक्षा हो रही है।
पुलिस की कार्रवाई: अन्य फरारियों पर शिकंजा
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अनुराग आर्य ने बताया कि पुलिस अब भी अन्य वांछित आरोपियों—साजिद सकलैनी, नायाब उर्फ निम्मा, बबलू खान, नदीम, अदनान सकलैनी और अल्तमस रजा—की तलाश में जुटी है। इनके खिलाफ निम्नलिखित कदम उठाए जा रहे हैं:
| कार्रवाई | विवरण |
|---|---|
| गैर-जमानती वारंट | फरारियों के खिलाफ तत्काल जारी करना। |
| इनाम बढ़ाना | वर्तमान इनाम राशि को और बढ़ाने की योजना। |
| संपत्ति कुर्की | कोर्ट की अनुमति से संपत्तियों की कुर्की और चिह्नांकन। |
| रोजाना समीक्षा | प्रतिदिन कैंप कार्यालय में टीमों को बुलाकर रणनीति तय। |
SSP आर्य ने कहा कि सभी उपद्रवियों और साजिशकर्ताओं पर NSA (राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम) के तहत कार्रवाई की जाएगी। हाल ही में IMC महासचिव के बारात घर पर बुलडोजर एक्शन भी चलाया गया।
IMC पर अतिरिक्त अपडेट
संबंधित खबरों के अनुसार, हिंसा के बाद मौलाना तौकीर रजा ने IMC की सभी कार्यकारिणी भंग कर दी है। नई टीम का गठन हफ्ते भर में होने की घोषणा की गई है। चर्चा है कि संगठन में कुछ सदस्यों की “गलत हरकतों” के कारण यह कदम उठाया गया।























