बाराबंकी: जिले के कोठी थाना क्षेत्र के एक गांव में शुक्रवार रात (13 फरवरी) एक शादी धूमधाम से हुई। रामसनेहीघाट क्षेत्र के पूरे गनई गांव निवासी भाग्यचंद्र के बेटे रिशु (22) की शादी 6 महीने पहले तय हुई थी। बारात पहुंची, जयमाला, फेरे, सिंदूरदान – सब पारंपरिक रस्में पूरी हुईं। लेकिन विदाई से ठीक पहले शनिवार सुबह नेग मांगने पहुंची किन्नरों की टोली ने पूरा माहौल बदल दिया।
किन्नरों ने दूल्हे को देखते ही पहचान लिया और जोर-शोर से कहा कि “ये हमारा साथी है, पहले हमारी टोली में नेग मांगता था!” खबर फैलते ही बारातियों में अफरा-तफरी मच गई – कई मौके का फायदा उठाकर भाग खड़े हुए। लड़की पक्ष सदमे में था। दूल्हे ने मामले को दबाने के लिए किन्नरों को 23 हजार रुपये देने की ‘सेटिंग’ की कोशिश की (जबकि सामान्य नेग 1100-2100 होता है)। यह देखकर लड़की वालों का शक यकीन में बदल गया।
जब परिजनों ने जांच की बात कही तो दूल्हा मंडप छोड़कर भागने लगा। ग्रामीणों ने दौड़कर उसे पकड़ा और बंधक बना लिया। सूचना पर कोठी पुलिस मौके पर पहुंची। घंटों चली हाई-वोल्टेज पंचायत में दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ। पुलिस के मुताबिक, किसी पक्ष ने लिखित तहरीर नहीं दी, इसलिए कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हुई। अंत में धोखाधड़ी महसूस करने वाली दुल्हन ने विदा होने से साफ इनकार कर दिया। बारात बिना दुल्हन के खाली हाथ लौट गई।
यह घटना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जहां लोग इसे “फिल्मी ट्विस्ट” बता रहे हैं। ट्रांसजेंडर समुदाय की पहचान और शादी में छिपाव जैसे मुद्दे फिर चर्चा में आ गए हैं। पुलिस का कहना है कि मामला समझौते से निपट गया, लेकिन अगर कोई शिकायत आई तो जांच होगी।

