कानपुर: जिले के नवाबगंज थाना क्षेत्र में वर्ष 2021 में हुए अधिवक्ता राजाराम वर्मा हत्याकांड को लेकर बुधवार को उस समय हालात तनावपूर्ण हो गए, जब पुलिस ने बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री राकेश तिवारी को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। पुलिस कार्रवाई की सूचना मिलते ही सैकड़ों अधिवक्ता नवाबगंज थाने पहुंच गए और थाने का घेराव कर जमकर नारेबाजी व हंगामा किया।

जानकारी के अनुसार, बुधवार शाम करीब 4:30 बजे पुलिस और स्पेशल टीम ने राकेश तिवारी को एनआरआई सिटी क्षेत्र से पूछताछ के लिए उठाया और पुलिस लाइन ले गई। इस दौरान बड़ी संख्या में अधिवक्ता पुलिस लाइन पहुंचने लगे। हालात को देखते हुए उच्चाधिकारियों के निर्देश पर पुलिस टीम उन्हें नवाबगंज थाने ले आई।

इसके बाद अधिवक्ताओं का आक्रोश और बढ़ गया। सैकड़ों वकील नवाबगंज थाने के अंदर और बाहर जमा हो गए और राकेश तिवारी को तत्काल रिहा करने की मांग पर अड़ गए।


🚨 भारी पुलिस बल तैनात, रास्ते किए गए डायवर्ट

स्थिति बिगड़ती देख मौके पर एक प्लाटून पीएसी के साथ-साथ काकादेव, स्वरूपनगर, कोहना, बेकनगंज, कर्नलगंज, ग्वालटोली, बजरिया, रावतपुर समेत 10 थानों का पुलिस बल तैनात किया गया।
थाने के आसपास भारी भीड़ के चलते पुलिस को दोनों ओर के रास्ते बंद कर वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से भेजना पड़ा।

अधिवक्ताओं का कहना था कि पूर्व महामंत्री राकेश तिवारी को राजाराम हत्याकांड में बेवजह घसीटा जा रहा है, जबकि उनका इस प्रकरण से कोई लेना-देना नहीं है।


👮‍♂️ जेसीपी ने संभाला मोर्चा, देर रात तक चली कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए करीब रात 8 बजे संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) विनोद कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और आक्रोशित अधिवक्ताओं को समझाने का प्रयास किया। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने राकेश तिवारी से पूछताछ की।

करीब 10 घंटे चले घटनाक्रम के बाद देर रात लगभग 12 बजे, पुलिस ने मुचलका भरवाकर अधिवक्ता राकेश तिवारी को छोड़ दिया।


🗣️ क्या बोले जेसीपी विनोद कुमार सिंह

संयुक्त पुलिस आयुक्त विनोद कुमार सिंह ने बताया कि यह पूरी कार्रवाई विवेचना का हिस्सा है।
उन्होंने कहा—

“वर्ष 2021 में एनआरआई सिटी क्षेत्र में एक व्यक्ति की हत्या हुई थी। शूटरों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है और आरोप पत्र दाखिल हो चुका है। पीड़ित पक्ष द्वारा विवेचना से असहमति जताने के बाद दोबारा जांच शुरू की गई है। इस दौरान कुछ नए नाम सामने आए हैं, जिनमें अधिवक्ता राकेश तिवारी और दो कारोबारी शामिल हैं। हमने उनसे कहा है कि हमारे साक्ष्यों का काउंटर करें। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।”


🏛️ राजनीतिक हलचल भी तेज

अधिवक्ता को हिरासत में लिए जाने की सूचना पर भाजपा पार्षद दल के नेता नवीन पंडित और महापौर के बेटे अमित पांडेय उर्फ बंटी भी नवाबगंज थाने पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से बातचीत की और कुछ देर बाद लौट गए।
थाना घेराव के दौरान भाजपा सहित अन्य राजनीतिक दलों के नेता भी मौके पर पहुंचे, जिससे राजनीतिक सरगर्मी भी तेज हो गई।

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