आगरा: आगरा मंडल के आयुक्त शैलेन्द्र कुमार सिंह के शुक्रवार को सेवानिवृत्त होने के साथ ही उत्तर प्रदेश शासन ने प्रशासनिक व्यवस्था में अहम बदलाव करते हुए आईएएस अधिकारी नगेन्द्र प्रताप को आगरा मंडल का नया आयुक्त नियुक्त किया है। नगेन्द्र प्रताप इससे पूर्व यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी के पद पर कार्यरत थे।
शासन के इस निर्णय को आगरा मंडल के लिए अनुभव और स्थानीय समझ पर आधारित नियुक्ति के रूप में देखा जा रहा है। नगेन्द्र प्रताप आगरा मंडल की प्रशासनिक, विकासात्मक और सामाजिक परिस्थितियों से भली-भांति परिचित माने जाते हैं। वे इससे पहले आगरा में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) और मुख्य विकास अधिकारी (CDO) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
ब्रज क्षेत्र व विकास प्राधिकरण में रहा अहम अनुभव
नगेन्द्र प्रताप का प्रशासनिक अनुभव केवल आगरा तक सीमित नहीं रहा है। वे मथुरा विकास प्राधिकरण के सचिव तथा ब्रज तीर्थ विकास परिषद के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। इस दौरान धार्मिक पर्यटन, शहरी विकास, आधारभूत ढांचे और तीर्थ क्षेत्र विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स को उन्होंने प्रभावी रूप से आगे बढ़ाया।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, आगरा मंडल में विकास, यातायात, पर्यटन, शहरी विस्तार, औद्योगिक निवेश और कानून-व्यवस्था जैसी जटिल चुनौतियों को देखते हुए शासन ने ऐसे अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी है, जो क्षेत्र की नब्ज को समझता हो।
छह आईएएस अधिकारियों के हुए तबादले
उत्तर प्रदेश शासन ने शुक्रवार को कुल छह आईएएस अधिकारियों के स्थानांतरण किए हैं। इसी क्रम में प्रशांत नागर को फिरोजाबाद का नगर आयुक्त नियुक्त किया गया है। साथ ही उन्हें फिरोजाबाद विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष भी बनाया गया है। इस नियुक्ति को फिरोजाबाद में शहरी विकास योजनाओं को नई गति देने वाला कदम माना जा रहा है।
आगरा मंडल से जुड़ी उम्मीदें
नए आयुक्त नगेन्द्र प्रताप से आगरा मंडल में विकास कार्यों में तेजी, सरकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और प्रशासनिक समन्वय को मजबूत करने की उम्मीद जताई जा रही है।
विशेष रूप से पर्यटन नगरी आगरा में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार, स्मार्ट सिटी परियोजनाओं की प्रगति, औद्योगिक निवेश और ग्रामीण विकास उनके कार्यकाल की प्रमुख प्राथमिकताएं मानी जा रही हैं।

