लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की त्वरित कार्रवाई से एक दिव्यांग और गंभीर बीमार महिला को बड़ा न्याय मिला। इंदिरानगर में उनका मकान भूमाफियाओं ने कब्जा कर लिया था, लेकिन CM से शिकायत के मात्र 24 घंटे के अंदर मकान कब्जा मुक्त करा दिया गया। चंदौली के दोनों आरोपी बलवंत यादव और मनोज कुमार यादव के खिलाफ गाजीपुर थाने में FIR दर्ज हुई और चंदौली पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

जानिए क्या है पूरा मामला?
- पीड़िता अंजना भट्ट के पिता मेजर बिपिन चंद्र भट्ट (सेना) का इंदिरानगर में मकान (A-418) है।
- 30 साल पहले पिता का निधन, एक भाई-बहन की भी मौत। अंजना अकेली बचीं, गंभीर बीमारी से पीड़ित। पिछले 8 साल से निर्वाण रिहैब सेंटर में इलाज करा रही हैं।
- आरोपी भूमाफियाओं ने फर्जी दस्तावेज बनाकर मकान अपने नाम कर लिया। ताला तोड़कर कब्जा किया, कीमती सामान लूटा, तोड़फोड़ की और अपना बोर्ड लगा दिया।
- अंजना को पता था कि वह अकेली और बीमार हैं, इसलिए आसानी से कब्जा कर लिया।
CM योगी की त्वरित एक्शन
- बुधवार को अंजना CM से मिलीं और समस्या बताई।
- CM ने तुरंत संज्ञान लिया, लखनऊ पुलिस-प्रशासन को सख्त निर्देश दिए।
- गाजीपुर थाने में FIR दर्ज, बृहस्पतिवार को मकान कब्जा मुक्त करा अंजना को सौंपा गया।
- लखनऊ पुलिस के इनपुट पर चंदौली पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गाजीपुर पुलिस की लापरवाही उजागर
- 6 दिसंबर को अंजना ने गाजीपुर थाने में तहरीर दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
- CM के दखल के बाद चंद घंटों में एक्शन। पुलिस का रवैया सवालों के घेरे में।
भावुक पल: “थैंक्यू योगी अंकल”
बृहस्पतिवार को जब अंजना घर पहुंचीं, तो आंखें नम हो गईं। घर देखा, नारियल फोड़ा, दीप जलाया। पड़ोस की महिलाएं लिपटकर रोने लगीं। अंजना ने कहा – “थैंक्यू योगी अंकल, गॉड ब्लेस यू!” यह पल हर किसी को भावुक कर गया।





