आगरा: ताज नगरी में बुधवार रात एक बार फिर आग का कहर टूट पड़ा। आगरा-मथुरा हाईवे पर थाना न्यू आगरा क्षेत्र के जवाहर नगर स्थित पीपुल्स होंडा वाहन शोरूम में एसी से शुरू हुई आग तेजी से भड़क उठी, जिससे बगल बने अस्पताल में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में मरीजों को बाहर निकाला गया, लेकिन गनीमत रही कि कोई जानहानि नहीं हुई। दमकलकर्मियों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
घटना कैसे घटी?
- स्थान: आगरा-मथुरा हाईवे पर न्यू आगरा थाना क्षेत्र में स्थित पीपुल्स होंडा शोरूम, जिसकी बिल्डिंग के बराबर ही एक अस्पताल बना हुआ है।
- समय: बुधवार रात करीब 10 बजे शोरूम में लगे एयर कंडीशनर (AC) से चिंगारी निकली, जो तेजी से लपटों में बदल गई।
- आग का फैलाव: शोरूम में रखे वाहन, फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक सामान जलने से धुआं और लपटें आसपास फैल गईं, जिससे बगल के अस्पताल तक धुआं पहुंच गया।
अस्पताल में अफरा-तफरी
शोरूम की आग की खबर लगते ही अस्पताल में भगदड़ मच गई। डॉक्टरों और स्टाफ ने तुरंत मरीजों को बाहर निकालना शुरू कर दिया। अस्पताल में भर्ती कई गंभीर मरीजों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया गया। एक अस्पताल कर्मचारी ने बताया, “धुआं भर आने से सांस लेना मुश्किल हो गया था। हमने व्हीलचेयर और स्ट्रेचर पर मरीजों को बाहर लाया।” गनीमत रही कि आग अस्पताल की बिल्डिंग तक नहीं पहुंची, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।
दमकल और पुलिस की तत्परता
- सूचना मिलते ही न्यू आगरा थाने की पुलिस और तीन दमकल वाहन मौके पर पहुंचे।
- दमकलकर्मियों ने पानी की बौछारें डालकर आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद लपटों पर काबू पा लिया गया।
- शोरूम मालिक ने बताया कि नुकसान का आकलन अभी बाकी है, लेकिन लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया।
संभावित कारण और जांच
प्रारंभिक जांच में आग का कारण AC में शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। पुलिस और दमकल विभाग ने शोरूम की फायर सेफ्टी व्यवस्था की जांच शुरू कर दी है। आगरा में हाल ही में झांसी मेडिकल कॉलेज अग्निकांड के बाद अस्पतालों की फायर ऑडिट चल रही है, ऐसे में यह घटना सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़ी कर रही है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह घटना?
- सुरक्षा चेतावनी: हाईवे पर व्यावसायिक भवनों की निकटता से ऐसी घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। आगरा में कई शोरूम और अस्पतालों में फायर NOC की कमी है।
- नुकसान: शोरूम में रखे होंडा वाहनों और सामान को भारी क्षति, अस्पताल का संचालन रुका।
- सुधार की मांग: स्थानीय लोगों ने हाईवे क्षेत्र में फायर सेफ्टी नियमों को सख्ती से लागू करने की मांग की है।























