गुरसरांय | दिव्य प्रेम सेवा मिशन झांसी अंचल के तत्वावधान में आयोजित बुन्देलखण्ड कुरैठा महोत्सव के चौथे दिन भक्ति और उत्साह का विशेष माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित शासकीय अपर महाधिवक्ता इलाहाबाद हाईकोर्ट एवं दिव्य प्रेम सेवा मिशन हरिद्वार के उपाध्यक्ष महेश चतुर्वेदी ने सत्संग के महत्व पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि क्षेत्रवासी सौभाग्यशाली हैं जिन्हें ऐसा सत्संग प्राप्त हो रहा है। सत्संग से विवेक जाग्रत होता है और विवेक के जाग्रत होने पर व्यक्ति की प्रगति का मार्ग प्रशस्त होता है तथा आपसी एकता और सद्भावना मजबूत होती है।
संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन कृष्ण जन्म की कथा का भावपूर्ण वर्णन किया गया। “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” भजनों से पूरा पंडाल भक्तिमय हो गया। माखन-मिश्री, दूध और दही के वितरण के साथ वातावरण ब्रजमय हो उठा।
वृंदावन धाम से पधारीं कथा वाचिका साधना श्रीजी (देवी महेश्वरी) ने नंद महोत्सव की कथा सुनाते हुए कहा कि भगवान कृष्ण ब्रह्म का अवतार हैं। उनके जन्म पर प्रकृति ने भी अपने नियम बदल दिए थे। देवी-देवताओं ने भी ब्रज मंडल में उनकी लीलाओं में सहयोग हेतु अवतार लिया। भगवान ने नंद-यशोदा के पूर्व जन्म के तप के फलस्वरूप ब्रज में अवतार लेकर बाल लीलाओं से ब्रजवासियों को आनंदित किया।
महोत्सव में अयोध्या से पधारे यज्ञाचार्य ज्ञानेन्द्र शास्त्री के सानिध्य में यज्ञ अनुष्ठान भी कराया जा रहा है। मुख्य अतिथि महेश चतुर्वेदी ने श्रीमद्भागवत की आरती कर व्यास पीठ से आशीर्वाद लिया।
अतिथियों का स्वागत संयोजक डॉ. जगदीश सिंह चौहान, सह संयोजक केशव सिंह परिहार एवं मातृ शक्ति की राष्ट्रीय संयोजक अपर्णा वीरांगना ने किया। कार्यक्रम का संचालन सह संयोजक बद्री प्रसाद त्रिपाठी ने किया।
इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक जवाहर लाल राजपूत, पूर्व एमएलसी श्याम सुंदर सिंह पारीछा, हेमंत सिंह परिहार सहित अनेक जनप्रतिनिधि व गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। कथा के यजमान संध्या जितेन्द्र सिंह परिहार रहे। बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
- रिपोर्ट – रोहित साहू





