• B-Pharma छात्र से इंटर्नशिप के नाम पर वसूली!
• भ्रष्टाचार पर योगी सरकार का शिकंजा,
• विजिलेंस टीम की बड़ी कार्रवाई
• छात्रों के सपनों से खिलवाड़ पर सख्ती
हाथरस (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में भ्रष्टाचार का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। सीएमओ (चीफ मेडिकल ऑफिसर) दफ्तर की क्लर्क बबीता सिंह को 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। यह रिश्वत एक B-Pharma छात्र से इंटर्नशिप के नाम पर मांगी गई थी। विजिलेंस टीम की इस कार्रवाई ने सरकारी दफ्तरों में व्याप्त भ्रष्टाचार पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, छात्र ने इंटर्नशिप के लिए आवेदन किया था, लेकिन क्लर्क बबीता सिंह ने प्रक्रिया पूरी करने के बदले 5 हजार रुपये की मांग की। छात्र ने इसकी शिकायत विजिलेंस विभाग से की, जिसके बाद ट्रैप लगाकर बबीता को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के समय रिश्वत की रकम मौके से बरामद हुई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।
यह घटना छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ का उदाहरण है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों से सरकारी सिस्टम की विश्वसनीयता पर असर पड़ता है। योगी सरकार ने भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है, और यह कार्रवाई उसी का हिस्सा है। क्या ऐसे और मामले सामने आएंगे? जांच जारी है।
रिपोर्ट: संजय भारद्वाज





