आगरा: आगरा पुलिस ने चर्चित राज चौहान हत्याकांड में बड़ी सफलता हासिल की है। मुख्य आरोपी अरबाज खान उर्फ मंसूरी को एनकाउंटर में मार गिराया गया, जबकि दो अन्य इनामी आरोपियों मोहित पंडित और आशु तिवारी को अलग-अलग मुठभेड़ों में पैर में गोली लगने से घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया गया। तीनों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
डीसीपी सिटी सैय्यद अली अब्बास के अनुसार, बुधवार रात गिरफ्तार अरबाज को हत्या में प्रयुक्त तमंचे की बरामदगी के लिए टेढ़ी बगिया क्षेत्र के कांशीराम आवास ले जाया जा रहा था। रात करीब 2 बजे अरबाज ने दरोगा को धक्का देकर सरकारी पिस्टल छीन ली और पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिसकर्मियों की जान बचाई बुलेटप्रूफ जैकेट ने अरबाज की फायरिंग में आरक्षी मनोज कुमार और उपनिरीक्षक ऋषि घायल हो गए। थाना प्रभारी ट्रांस यमुना उपनिरीक्षक हरेंद्र कुमार और थाना प्रभारी कोतवाली इंस्पेक्टर भानु प्रताप यादव की बुलेटप्रूफ जैकेट पर गोली लगी, जिससे उनकी जान बच गई। जवाबी फायरिंग में अरबाज के सीने और दाहिने पैर में गोली लगी। उसे पहले जिला अस्पताल, फिर एसएन मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। अरबाज का पुराना आपराधिक इतिहास भी सामने आया है।
एक ही रात में तीन एनकाउंटर
- दूसरा एनकाउंटर: डौकी के नदोता अंडरपास के पास। आरोपी आशु तिवारी (निवासी न्यू गौशाला, रामगंज इटावा) ने पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। उसके पास से अवैध तमंचा, एक जिंदा और एक खोखा कारतूस, .315 बोर हथियार बरामद हुआ।
- तीसरा एनकाउंटर: ट्रांस यमुना क्षेत्र में मुखबिर सूचना पर मोहित पंडित (कालिंदी विहार, मूल निवासी एटा) को घेरा। फायरिंग में उसके पैर में गोली लगी। उसके पास से अवैध तमंचा, एक जिंदा और एक खोखा कारतूस, स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद हुई।
राज चौहान हत्याकांड की पृष्ठभूमि
23 जनवरी 2026 की रात राज चौहान को जन्मदिन से एक दिन पहले दोस्तों के साथ एसएन गेस्ट हाउस, टेढ़ी बगिया ले जाया गया। कमरे में अचानक फायरिंग हुई, राज घायल होकर बाहर भागा लेकिन पीछे से कई गोलियां मारकर उसकी मौके पर मौत हो गई। उसकी मां नीरू चौहान ने बताया कि चार अज्ञात युवक घर आए और बेटे को ले गए। हत्या के पीछे पुरानी रंजिश बताई गई।
डीसीपी सिटी के नेतृत्व में 9 विशेष पुलिस टीमों ने महज 6 दिन में केस सॉल्व किया और तीनों मुख्य शूटरों को निष्क्रिय कर दिया।
एनकाउंटर में शामिल प्रमुख अधिकारी:
- निरीक्षक भानु प्रताप यादव (कोतवाली)
- उपनिरीक्षक हरेंद्र गुर्जर (ट्रांस यमुना)
- उपनिरीक्षक अंकुर मलिक (छत्ता)
- उपनिरीक्षक फारूख (सदर)
- उपनिरीक्षक ऋषि (ट्रांस यमुना)
- कांस्टेबल मनोज कुमार (ट्रांस यमुना) और अन्य पुलिसकर्मी।





