📍वंदे भारत ट्रेन में चोरी से शुरू हुई जांच, 15 से अधिक महिलाओं से धोखाधड़ी का खुलासा
अहमदाबाद: गुजरात पुलिस ने एक बड़े धोखाधड़ी मामले का पर्दाफाश किया है, जहां एक व्यक्ति मोहम्मद शाहबाज खान ने खुद को भारतीय सेना का मेजर हर्षित चौधरी बताकर कई महिलाओं को निशाना बनाया। यह मामला तब सामने आया जब शाहबाज को वंदे भारत ट्रेन में लैपटॉप चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया गया। जांच के दौरान पता चला कि उसने फर्जी पहचान पत्र और दस्तावेजों का इस्तेमाल कर 15 से अधिक महिलाओं से संपर्क किया, उनसे शादी का वादा किया और उन्हें आर्थिक व शारीरिक रूप से शोषित किया।
मामले की शुरुआत: वंदे भारत ट्रेन में चोरी
सितंबर 2024 में गुजरात के अहमदाबाद से चलने वाली वंदे भारत ट्रेन में एक यात्री का लैपटॉप और ट्रॉली बैग चोरी हो गया। रेलवे पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की, जिसमें एक व्यक्ति बैग ले जाता दिखाई दिया। पुलिस ने टिकट बुकिंग के लिए इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर को ट्रैक किया, जिससे आरोपी की लोकेशन दिल्ली में मिली। अहमदाबाद रेलवे पुलिस की एक टीम दिल्ली पहुंची और लोकल पुलिस की मदद से आरोपी को एक होटल से गिरफ्तार किया, जहां वह शराब पी रहा था।
गिरफ्तारी के दौरान शाहबाज ने खुद को भारतीय सेना का मेजर हर्षित चौधरी बताया और दावा किया कि बैग गलती से उसके पास आ गया। उसने एक फर्जी सेना आईडी कार्ड भी दिखाया। हालांकि, सीसीटीवी में चोरी साफ दिख रही थी, इसलिए पुलिस ने आगे जांच की। सेना से संपर्क करने पर पता चला कि कोई मेजर हर्षित चौधरी नहीं है, और आरोपी की असली पहचान मोहम्मद शाहबाज खान है। उसके पास फर्जी आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज मिले।
आरोपी की पृष्ठभूमि
मोहम्मद शाहबाज खान उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ का रहने वाला है। वह शादीशुदा है और उसके दो बच्चे हैं। 2015 में वह भारतीय सेना में सिपाही था, लेकिन अनुशासनहीनता के आरोपों में उसे निकाल दिया गया। उसके बाद वह चोरी और ठगी में संलिप्त हो गया। उसके पिता पूर्व सेना कर्मी हैं, जबकि भाई भारतीय वायुसेना में है। शाहबाज फर्जी हिंदू पहचान (हर्षित चौधरी) बनाकर ट्रेन और हवाई जहाज से यात्रा करता था।
धोखाधड़ी का खुलासा: महिलाओं से संपर्क और शोषण
जांच के दौरान शाहबाज के जब्त फोन पर एक महिला का कॉल आया, जो खुद को उसकी पत्नी बता रही थी। इससे बड़ा खुलासा हुआ। शाहबाज ने मैट्रिमोनियल साइट्स (जैसे Shaadi.com) और डेटिंग ऐप्स के जरिए 100 से अधिक महिलाओं से संपर्क किया था। इनमें से 40-50 महिलाओं से वह मिल चुका था, और कम से कम 15-24 महिलाओं से उसने शादी का वादा कर आर्थिक और शारीरिक शोषण किया।
वह मुख्य रूप से कामकाजी महिलाओं को निशाना बनाता था, जिनमें से कई मुंबई, अहमदाबाद, बहुचराज और उत्तर प्रदेश की थीं। एक महिला से उसने मंदिर में शादी भी की और उसे अलीगढ़ में किराए के मकान में रखा। इस महिला ने बाद में अलीगढ़ थाने में एफआईआर दर्ज कराई, जिसमें मारपीट, अप्राकृतिक संबंध, जबरन धर्मांतरण का दबाव और अन्य आरोप शामिल हैं।
इसके अलावा, जिस असली हर्षित जादौन (भरतपुर, राजस्थान) की पहचान उसने चुराई थी, उस व्यक्ति ने भी शाहबाज पर एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस के अनुसार, शाहबाज पर पहले से तीन मामले दर्ज हैं, और जांच में और पीड़ित सामने आ सकती हैं।
वर्तमान स्थिति
शाहबाज को 5 सितंबर 2024 को गिरफ्तार किया गया और फिलहाल अहमदाबाद जेल में है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है, जिसमें सेना में उसके समय के आरोपों और अन्य अपराधों की जांच शामिल है। पुलिस ने अभी साजिश के मामले में कोई केस दर्ज नहीं किया है, लेकिन जांच जारी है।
यह मामला मैट्रिमोनियल साइट्स पर फर्जी पहचान के खतरे को उजागर करता है। पुलिस ने महिलाओं से अपील की है कि वे ऐसे मामलों में सतर्क रहें और सत्यापन करें। गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी ने पुलिस को बधाई दी है।





