रिपोर्ट- आकाश भारद्वाज
धिमिश्री/आगरा। क्या एक छोटा सा गांव पूरे सिस्टम को हिला सकता है? धिमिश्री गांव में आज सुबह से ही तनाव का माहौल था। हजारों किसान और ग्रामीण सड़कों पर उतर आए, गुल्ल मंदिर के पास बिजली घर को घेर लिया। वजह? स्मार्ट मीटर! विभाग की मनमानी से तंग आकर ग्रामीणों ने चेतावनी दी है – “यह ठगी नहीं चलेगी!” लेकिन क्या यह सिर्फ शुरुआत है? क्या आगे बड़ा आंदोलन होगा, या पुलिस दखल से मामला शांत हो जाएगा? ……
सुबह 10 बजे शुरू हुई किसान पंचायत ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के बैनर तले जुटे किसानों का आरोप है कि पुराने मीटरों के बावजूद जबरन स्मार्ट मीटर थोपे जा रहे हैं। “बिल दोगुने-तिगुने आ रहे हैं, हमारी कमर टूट रही है!” – एक किसान ने गुस्से में कहा। क्या यह सिर्फ बिलों की बात है, या पीछे कोई बड़ा घोटाला छिपा है? ग्रामीणों का कहना है कि विभाग किसानों को आर्थिक रूप से कुचल रहा है, और वे अब चुप नहीं बैठेंगे।
पंचायत में आगरा जिलाध्यक्ष के निर्देश पर सैकड़ों किसान के साथ पीडित जनता इकट्ठी हुई। सर्वसम्मति से फैसला लिया गया –
“अधिकारियों से सीधी बात, वरना आंदोलन और तेज!”
लेकिन ट्विस्ट तब आया जब पता चला कि 19 जनवरी को ही मीटर लगाने का काम चुपके से शुरू हो गया था। एसडीओ चिभिणि बारा ने पहले आश्वासन दिया था – “विरोध पर नहीं लगाएंगे।” लेकिन वादा टूटा, और गुस्सा फूट पड़ा! क्या यह धोखा था? ग्रामीणों ने बिजली घर का घेराव किया, नारे लगाए – “स्मार्ट मीटर बंद करो, किसानों को न्याय दो!”
स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि थाना अध्यक्ष शमशाबाद सुरेंद्र राव को पुलिस बल के साथ मौके पर दौड़ना पड़ा। कानून-व्यवस्था बनी रही, लेकिन हवा में तनाव साफ महसूस हो रहा था। क्या पुलिस दखल से मामला दब जाएगा, या किसान अपनी मांग मनवाकर रहेंगे? पहले भी पंचायत हो चुकी है, लेकिन विभाग नहीं माना।
[ अब किसान कहते हैं – “अपने हक के लिए लड़ाई जारी रहेगी, ठगी बर्दाश्त नहीं!”]
इस धमाकेदार प्रदर्शन में प्रमुख चेहरे थे – प्रधान धनवान सिंह, नारायण सिंह, गब्बर सिंह, शिव सिंह ठाकरे, सियाराम, राधेश्याम, विपिन, रमेश, लोकेश, बंटी, पंकज राघव, जितेंद्र शर्मा, बिट्टू शर्मा। साथ ही भाकियू के जिला प्रवक्ता रामनिवास रघुवंशी, तहसील अध्यक्ष अवधेश ठाकुर, जितेंद्र कुशवाह, छोटेलाल रघुवंशी, अभिषेक, रामलाल, ब्रहमलाल, लोकेश जादौन जैसे नेता।
क्या स्मार्ट मीटर की यह जंग बड़े स्तर पर फैलेगी? क्या सरकार हस्तक्षेप करेगी? फिलहाल, धिमिश्री गांव की सड़कें गवाह हैं एक बड़े तूफान की। हमारी टीम लगातार अपडेट्स देती रहेगी – क्या होगा अगला कदम? रहिए हमारे साथ!





