आगरा। थाना नाई की मंडी क्षेत्र के बड़ा गालिबपुरा स्थित नेहरा वाली गली में मंगलवार सुबह उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक फोम के गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई। संकरी गली से उठती आग की ऊंची लपटों और घने धुएं ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया। हालांकि राहत की बात यह रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन गोदाम में रखा लाखों रुपये का सामान जलकर खाक हो गया।
जानकारी के अनुसार, इमरान नामक व्यक्ति ने अपने मकान के भूतल पर फोम का गोदाम बना रखा था, जबकि उसका परिवार ऊपर की मंजिल पर रहता है। सुबह करीब 8:30 बजे गोदाम से धुआं उठता देख स्थानीय लोगों ने शोर मचाया और दमकल विभाग को सूचना दी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया।
संकरी गलियां बनीं बड़ी चुनौती
मुख्य अग्निशमन अधिकारी देवेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि इलाका अत्यंत संकरा होने के कारण दमकल की गाड़ियां घटनास्थल तक नहीं पहुंच सकीं। हालात की गंभीरता को देखते हुए दमकल कर्मियों ने लगभग सौ फीट लंबे एक दर्जन पाइप जोड़कर आग तक पानी पहुंचाया। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।
रिहायशी इलाके में ज्वलनशील गोदाम, प्रशासन पर सवाल
यह घटना सिर्फ एक आगजनी नहीं, बल्कि रिहायशी इलाकों में संचालित ज्वलनशील गोदामों और फैक्ट्रियों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में इस तरह के गोदाम लंबे समय से संचालित हो रहे हैं, लेकिन न तो नगर निगम और न ही संबंधित विभागों द्वारा नियमित जांच की जाती है।
यदि आग और फैलती या ऊपर रह रहे परिवार को समय रहते बाहर निकलने का मौका न मिलता, तो यह हादसा जानलेवा भी साबित हो सकता था। ऐसे में सवाल उठता है कि
-
क्या इन गोदामों को संचालन की वैध अनुमति प्राप्त है?
-
अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन क्यों नहीं कराया गया?
-
संकरी गलियों में आपात स्थितियों से निपटने की कोई ठोस योजना क्यों नहीं है?
शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा कारण
प्राथमिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि फोम जैसे अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थों के भंडारण में मामूली चिंगारी भी बड़े हादसे का रूप ले सकती है। ऐसे में विस्तृत जांच कर जिम्मेदारी तय करना आवश्यक है।





