आगरा आगरा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति एक बार फिर धरातल पर साबित हुई। अजीतनगर क्षेत्र के खेरिया मोड़ चौकी के पीछे स्थित करीब 5.6 हेक्टेयर (लगभग 14 एकड़) सरकारी भूमि को प्रशासन ने अवैध कब्जेदारों से पूरी तरह मुक्त करा लिया। बाजार मूल्य के हिसाब से इस जमीन की अनुमानित कीमत 120 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।
कब्जेदारों के नाम और फर्जी दस्तावेज
प्रशासनिक जांच में सामने आया कि इस बहुमूल्य सरकारी जमीन पर खुर्शीद खान उर्फ लल्ला, अमजद, चांद बाबू खान और अफ्ताब खान (सभी निवासी सराय ख्वाजा) ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे अवैध कब्जा जमाया था। वर्षों से चल रहे इस कब्जे के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही थीं। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई का फैसला लिया।
अभूतपूर्व तैयारी के साथ बुलडोजर एक्शन
कार्रवाई को सफल बनाने के लिए प्रशासन ने जबरदस्त तैयारी की। मौके पर तैनात किए गए:
- 300 से अधिक कर्मचारी (नगर निगम, पुलिस, राजस्व विभाग)
- 7 जेसीबी मशीनें
- 10 ट्रैक्टर
- 6 डंपर
भारी पुलिस बल की मौजूदगी में अवैध निर्माणों को कुछ ही घंटों में पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। अब यह पूरी जमीन प्रशासन के कब्जे में आ चुकी है।
जनता के लिए तोहफा: मिनी स्टेडियम का प्रस्ताव
कार्रवाई के तुरंत बाद आगरा के जिलाधिकारी ने इस मुक्त कराई गई भूमि पर मिनी स्टेडियम निर्माण का प्रस्ताव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेज दिया है। यदि प्रस्ताव को हरी झंडी मिलती है, तो अजीतनगर क्षेत्र जल्द ही युवाओं, खिलाड़ियों और स्थानीय नागरिकों के लिए खेल गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बन जाएगा। इससे न सिर्फ क्षेत्र का खेल विकास होगा, बल्कि युवा प्रतिभाओं को नया मंच भी मिलेगा।
लोगों में उत्साह, योगी मॉडल की मुहर
स्थानीय निवासियों ने इस कार्रवाई का जमकर स्वागत किया। लोगों का कहना है कि “अब सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों के लिए कोई जगह नहीं बची।” मुक्त जमीन को जनहित में इस्तेमाल करने का फैसला योगी सरकार की विकासवादी सोच को दर्शाता है।





