आगरा: शहर में एटीएम पर भोले-भाले लोगों को निशाना बनाकर कार्ड स्वैप करके लाखों रुपये उड़ाने वाले एक अंतरजनपदीय ठग गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। थाना सिकंदरा पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए गिरोह के मुख्य शातिर अनिल कुमार को धर दबोचा है, जबकि उसके तीन साथी अभी फरार हैं।
कैसे होती थी ठगी?
गिरोह के सदस्य एटीएम मशीनों के आसपास मंडराते रहते थे। वे पैसे निकालने आए लोगों को “मदद” का झांसा देते और चुपके से उनका एटीएम कार्ड बदल देते थे। बाद में बदले हुए कार्ड से खाते से नकदी निकाल लेते थे। पीड़ितों को तब पता चलता था जब उनके अकाउंट से पैसे गायब हो जाते थे।
मुख्य आरोपी अनिल कुमार का क्रिमिनल रिकॉर्ड
- गिरफ्तार आरोपी अनिल कुमार पर पहले से ही 10 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
- वह आगरा के अलावा कई अन्य जिलों में भी एटीएम फ्रॉड और ठगी की वारदातों में शामिल रहा है।
- लंबे समय से पुलिस की निगरानी में था और उसकी तलाश चल रही थी।
फरार सदस्य और बरामदगी
फरार तीन शातिर: सलीम, मोनू, प्रदीप उर्फ पंडित। पुलिस ने इनकी तलाश तेज कर दी है और संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है।
अनिल की निशानदेही पर पुलिस ने बरामद किया:
- कई एटीएम कार्ड
- सिम कार्ड
- ठगी से जुटाई गई नकदी
- वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल
गिरोह का नेटवर्क कई जिलों तक फैला
जांच में पता चला कि यह गिरोह सिर्फ आगरा तक सीमित नहीं था, बल्कि पड़ोसी जिलों में भी सक्रिय था। पुलिस अब अन्य मामलों और पीड़ितों की जानकारी जुटा रही है।
पुलिस की अपील – सतर्क रहें!
सिकंदरा पुलिस ने आमजन से अपील की है:
- एटीएम पर किसी अजनबी की मदद न लें।
- अपना पिन कभी किसी को न बताएं।
- संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।





