आगरा: आगरा के लॉयर्स कॉलोनी स्थित प्रसिद्ध राधा-कृष्ण मंदिर में 31 दिसंबर को हुई हाई-प्रोफाइल चोरी की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। थाना न्यू आगरा पुलिस की साइबर सर्विलांस और काउंटर इंटेलिजेंस टीम की सटीक निगरानी से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने चोरी की नकदी, चांदी के घंटे, शेष चांदी और वारदात में इस्तेमाल मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
- हैदर पुत्र शमीम, निवासी कोठी नगर, थाना सिकंदरा
- राजू उर्फ राजकुमार वर्मा पुत्र महेंद्र वर्मा, निवासी मोती कटरा, थाना एमएम गेट
- अमन पुत्र स्व. विजेंद्र सिंह, निवासी इंद्रा नगर, नगला बूढ़ी, थाना न्यू आगरा
वारदात का चौंकाने वाला तरीका
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि चोरी की योजना पहले से तैयार की गई थी। वारदात की रात राजू और अमन मंदिर के बाहर निगरानी करते रहे, जबकि हैदर पीछे की दीवार फांदकर परिसर में घुसा। उसने ताला तोड़ा, दानपेटी क्षतिग्रस्त की और शिवलिंग से जुड़े चांदी के घंटे के साथ करीब 600 रुपये की नकदी चुरा ली। (नोट: शुरुआती रिपोर्ट में चांदी का छत्र और मुकुट गायब होने की बात थी, लेकिन खुलासे में घंटे बरामद हुए।)
चांदी गलाकर बेची, 70 हजार में सौदा चोरी के बाद उसी शाम आरोपियों ने चांदी के घंटों को गलवाया। राजू ने चांदी को पांच हिस्सों में बांटा और करीब 400 ग्राम का एक हिस्सा एक सर्राफ को 70 हजार रुपये में बेच दिया। शेष हिस्से आपस में बांट लिए गए थे, लेकिन पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर बाकी चांदी भी बरामद कर ली।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि यह कार्रवाई न केवल इस मामले का सफल खुलासा है, बल्कि धार्मिक स्थलों में चोरी और चांदी के अवैध कारोबार पर सख्त संदेश भी देती है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।





